रविंद्र सिंह मीडिया हाउस/बीकेटाइम्स 9ता बीजपुर -एनटीपीसी रिहंद परियोजना के स्थापना दिवस के अवसर पर परियोजना के प्रशासनिक भवन में स्थित सृजन सम्मेलन कक्ष में रिहंद साहित्य मंच के रचनाकारों द्वारा काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया।काव्यगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित कार्यकारी निदेशक एस नरेन्द्र ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि रचनाकारों की रचनाएँ समाज के लिए मार्गदर्शक का कार्य करती है तथा समय-समय पर जागरुक भी करती हैं। मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम की समाप्ति पर सभी रचनाकारों को पुरस्कार देकर उन्हें सम्मानित भी किया।इसके पूर्व सहायक प्रबंधक राजभाषा एवं जनसंपर्क अधिकारी मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ने अपने संबोधन के जरिए रिहंद स्थापना के बारे में प्रकाश डालते हुए काव्यगोष्ठी में उपस्थित रचनाकारों का स्वागत भी किया।काव्यगोष्ठी के दौरान मुकेश कुमार ने राजनीति को परिलक्षित करते हुए ‘केंद्र राज्य चुनाव एक साथ फिर सुगबुगाहट हो रही है’, डी एस त्रिपाठी ने एनटीपीसी रिहंद की महिमा का बखान करते हुए ‘बहुते सुख दिहलेसी, ई रिहंद क बिजुरिया’ सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी।काव्यगोष्ठी का संचालन कर रहे मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ने ‘हूँ तो मैं बहुत कुछ, मगर इंसान नहीं हूँ ‘ सुनाकर सृजन कक्ष में मानवतावादी दृष्टिकोण का संचार किया।मंच के अध्यक्ष अभिषेक टंडन ने भारत माँ के वीर सपूतों को ‘कब तक हम खोएँगे’ को सुनाकर बीर रस की बयार बहा दी।अरुण कुमार श्रीवास्तव ने ‘पीर चुभन बनने से पहले, मिटा दे’ को सुनाकर लोगों को एक सीख दी।कौशलेश दूबे ने माफीनामा पर कविता सुनाकर लोगों को भाव बिह्वल कर दिया।प्रेमशीला श्रीवास्तव ने ‘पुत्र धर्म बदल रहा है, बहुएँ चली शहर को’ सुनाकर आधुनिक परिवेश पर करारा व्यांगात्मक प्रहार किया।नरसिंह यादव ने ‘भारत अब नया बन रहा है’ तथ रैना मिश्रा ने ‘खोज कर लाओ सवेरा एक नया’ को सुनाकर लोगों को तालियाँ बजाने पर बाध्य कर दिया।आभा द्विवेदी ने ‘ज़िंदगी का मूल्य’ तथा शिवानी गुप्ता ने ‘यहाँ कहते हैं ज़िंदगी में चलने वाले’ को सुनाकर काव्यगोष्ठी को नया मोड़ दिया।रामजी द्विवेदी ने ‘रिहंद हमारा प्यारा है’, आर डी दूबे ने ‘ज़िंदगी का सफर’ को सुनाया । देवी प्रसाद पाण्डेय ने ‘मिलते जो कभी गर तुम मुझसे’ को सुनाकर वातावरण को शृंगार रस की ओर मोड़ा।कौशल शर्मा ने ‘वो इंसान पिता कहलाता है’ एवं संत कुमार ने ‘हमें गर्व है उन जाबाज़ सैनिकों पर’ सुनाकर लोगों की जमकर वाहवाही लूटी।कार्यक्रम का संचालन एवं आगंतुकों का स्वागत सहायक प्रबंधक (राजभाषा एवं जनसंपर्क) मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव तथा धन्यवाद ज्ञापन उप प्रबंधक मुकेश कुमार ने किया।वरिष्ठ प्रबंधक (पी एंड एस) रनदीप सिंह, बीपी गुप्ता, राम कुमार मिश्रा आदि उपस्थित थे।