क्षेत्रीय संसाधनों और परिवेश की संभावनाओं को विश्वविद्यालय पहचानें : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

भोपाल, 8 जनवरी (आईएएनएस)। राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं में उच्च गुणवत्ता को लक्ष्य बनाएं। लक्ष्य और प्राप्ति के प्रयासों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विश्वविद्यालयों को पर्याप्त स्वायत्तता दी गई है। जरूरी है कि कुलगुरु अपनी क्षमताओं, विश्वविद्यालय के संसाधनों और आसपास के परिवेश के अनुसार विकास की संभावनाओं की पहचान करें।

वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में अपने सीमित दायरे से बाहर निकलें। वर्तमान की मांग और भविष्य की संभावनाओं पर कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि टास्क फोर्स बनाकर समय-सीमा में सभी विश्वविद्यालयों की कार्ययोजना तैयार कराई जाए। राज्यपाल और मुख्यमंत्री बुधवार को राजभवन में आयोजित शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल ने कुलगुरुओं से कहा कि विद्यार्थी कल्याण के विषयों के प्रति संवेदनशील रहें। अभिभावक अपने बच्चे सरकार के भरोसे पर शासकीय विश्वविद्यालयों में भेजते हैं। उनकी देखभाल पालक के दृष्टिकोण के साथ की जाए। कुलगुरु नियमित आधार पर छात्रावास, मेस, खेल सुविधाओं और कक्षाओं का नियमित निरीक्षण भी करें।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय क्षेत्रीय स्तर पर रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने वाले पाठ्यक्रमों पर फोकस करें। डिग्री, डिप्लोमा के साथ ही मांग आधारित पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किए जाएं। स्थानीय उद्योगों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की आवश्यकताओं के अनुसार मानव संसाधन की उपलब्धता के रोजगार के लिए संबद्ध विषयों के अध्ययन की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय में खेल सुविधाओं की उपलब्धता और उनके उन्नयन के लिए भी विशेष प्रयास करने की जरूरत बताई। राज्यपाल ने कहा कि रेडक्रॉस की गतिविधियों में विद्यार्थियों की अधिकाधिक सहभागिता की जाए।

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय बहु विषयक आत्मनिर्भर विश्वविद्यालय बनें। परंपरागत विषयों के साथ ही मांग आधारित और रोजगार की उच्च संभावनाओं वाले कोर्स प्रारंभ करने के लिए विशेष प्रयास करें। विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रदान स्वायत्तता के आधार पर व्यवस्थाओं को सुचारु बनाएं। छात्रों को प्रवेश की सुविधा, उत्कृष्ट शिक्षा, समय पर परीक्षा और तत्काल परिणाम घोषणा के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के ऑनलाइन मूल्यांकन की व्यवस्था को बढ़ावा दें। इसी तरह प्रवेश के समय ही अंक सूची और डिग्री वितरण के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया जाए, जिससे विद्यार्थियों के डीजी लॉकर में उनकी त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों की बेहतरी के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार विश्वविद्यालयों को पूरा सहयोग दे रही है। विश्वविद्यालयों को वित्तीय, भौतिक और मानव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में सरकार ने नवीन पहल कर संसाधन संपन्न बनाए हैं। विश्वविद्यालयों का स्टाफ सरकार के लिए शासकीय सेवकों के समान ही महत्वपूर्ण है।

–आईएएनएस

एबीएम/सीबीटी

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