पुलिस को मिली बड़ी सफलता, गोवध निवारण अधिनियम के अभियोग में वांछित अभियुक्त पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार

मीडिया हाउस सोनभद्र – उत्तर प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल गोवंशीय पशुओं के अवैध व्यापार एवं गोवध को पूर्ण रूप से नियंत्रित करने के लिए दिए गए निर्देश के क्रम में पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के द्वारा जनपद में पशु तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल के नेतृत्व में एवं क्षेत्राधिकारी सदर सुधीर कुमार सिंह के कुशल पर्यवेक्षण में जनपद सोनभद्र पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।
1.प्रकरण का संक्षिप्त विवरण- मुकदमा अपराध संख्या 163/2025 की विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि अवैध गोवंश तस्करी एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से संचालित की जा रही थी। जांच से यह भी स्पष्ट हुआ कि तस्करी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न व्यक्तियों एवं व्यावसायिक खातों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित कर उसके वास्तविक स्रोत एवं अंतिम लाभार्थियों को छिपाने का प्रयास किया जाता था।
अब तक 25 से अधिक बैंक खातों का विश्लेषण किया जा चुका है, जिनमें लगभग ₹80-100 करोड़ से अधिक के लेन-देन का परीक्षण किया गया है। अन्य संबद्ध खातों की जांच अभी भी प्रचलित है।
2. विवेचना का आधार- अभियुक्त रिशु यादव उर्फ विकास यादव की गिरफ्तारी के उपरांत बैंक खातों का विस्तृत विश्लेषण किया गया तो यह तथ्य सामने आया कि गोवंश तस्करी से प्राप्त धनराशि सीधे अंतिम लाभार्थियों तक न जाकर विभिन्न खातों के माध्यम से घुमाई जाती थी। प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि धनराशि के वास्तविक स्रोत, उपयोग एवं लाभार्थियों को छिपाने के उद्देश्य से सुनियोजित वित्तीय लेयरिंग (Financial Layering) की जा रही थी।
3. वित्तीय नेटवर्क का विश्लेषण- विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि गोवंश पशुओं की तस्करी में प्रयुक्त बड़ी मात्रा में नकद धनराशि पश्चिम बंगाल के पांडुआ/मेमारी क्षेत्र से जमा की जाती है यह धनराशि 49000/99000 रुपये के रूप में राजा कुरैशी निवासी पांडुआ द्वारा शेख सुल्तान अली निवासी खुरमाबाद के फुरकान ट्रेडर्स, चंदा ट्रेडर्स तथा उसके अन्य खातों में व मो0 अमीनुद्दीन निवासी चैनपुर भभुआ बिहार के खातों में जमा की जाती है जिसका अधिकांश हिस्सा गुड्डू उर्फ शमशाद कुरैशी निवासी खुरमाबाद व अफजल कुरैशी, शहजाद कुरैशी निवासी चैनपुर भभुआ बिहार द्वारा 20-20 हजार रुपये के रूप में ATM/UPI के द्वारा आहरित किया जाता है और स्थानीय पशु तस्करों को नकद/ UPI व विभिन्न खातों में स्थानीय पशु तस्करों को भुगतान किया जाता है तथा एक महत्वपूर्ण हिस्सा संदीप सिंह के CSC खाते में भेजा जाता है। जिसे स्थानीय पशु तस्कर रिशु यादव और विकास यादव आदि के द्वारा प्राप्त किया जाता है।
संदीप सिंह(रिशु यादव, विकास यादव और भगवान यादव) के खाते में मुख्य रूप से निम्न व्यक्तियों के खातों से धनराशि प्राप्त हुई— (शेख फुरकान अली, मोहम्मद अमीनुद्दीन, शेख सुल्तान अली)
इन खातों के विश्लेषण से यह तथ्य सामने आया कि इनमें बड़ी मात्रा में नकद धनराशि पश्चिम बंगाल के पांडुआ पशु बाजार एवं मेमारी क्षेत्र से जमा की जाती थी। विवेचना के दौरान प्राप्त तथ्यों के अनुसार इन खातों में नकद जमा कराने का कार्य मुख्य रूप से राजा कुरैशी द्वारा किया जाता था। धनराशि का एक भाग संदीप सिंह के खाते में स्थानांतरित किया जाता था, जबकि शेष धनराशि आगे विभिन्न खातों एवं पशु तस्करों तक पहुंचाई जाती थी।
4. CSC (Common Service Centre) खातों की भूमिका- बैंक खातों के विश्लेषण से यह भी सामने आया कि बड़े मूल्य के अनेक लेन-देन CSC (Common Service Centre) खातों के माध्यम से किए जा रहे थे।
प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि इन खातों का उपयोग बड़ी धनराशि के लेन-देन को सामान्य वित्तीय गतिविधि का स्वरूप देने तथा वास्तविक स्रोत एवं लाभार्थियों को छिपाने के उद्देश्य से किया जा रहा था।
जांच में चंदा ट्रेडर्स, फुरकान ट्रेडर्स एवं अन्य CSC खातों की भूमिका सामने आई। इन खातों के माध्यम से धनराशि को आगे स्थानांतरित करने के पश्चात बड़ी मात्रा में नकद निकासी अथवा व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर किया जाता था।
5. गोवंशीय पशुओं की तस्करी का भौगोलिक मार्ग- राजा कुरैशी से पूछताछ में यह तथ्य प्रकाश में आया कि
सोनभद्र / मिर्जापुर / वाराणसी
▼
छोटे वाहन (6–8 गोवंश)
▼
चैनपुर / खुर्माबाद बिहार
(संग्रहण केन्द्र)
▼
बड़े कंटेनर (50–80 गोवंश)
▼
बिहार
▼
पांडुआ पशु बाजार / मेमारी (पश्चिम बंगाल)
▼
स्थानीय व्यापारी / वधशालाओं
बड़े कंटेनरों में गोवंशों को अत्यंत क्रूरतापूर्ण परिस्थितियों में भरकर परिवहन किया/ बेचा जाता था।
6.प्रमुख निष्कर्ष-
25 से अधिक बैंक खातों का विश्लेषण किया जा चुका है।
* लगभग ₹80–100 करोड़ से अधिक के लेन-देन का परीक्षण किया गया है।
* विभिन्न व्यक्तियों एवं CSC खातों के माध्यम से धनराशि को चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित किया गया।
* बड़ी मात्रा में नकद निकासी एवं व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर का पैटर्न सामने आया।
* बैंकिंग विश्लेषण, अभियुक्तों के बयान एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्य एक संगठित वित्तीय एवं परिचालन गोवंशीय पशु वध के लिए तस्करी के नेटवर्क की ओर संकेत करते हैं।
* अन्य संबद्ध खातों एवं तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण अभी भी प्रचलित है।
7.निष्कर्ष- अब तक की विवेचना से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट होता है कि अवैध गोवंश तस्करी एक संगठित एवं बहु-स्तरीय नेटवर्क के माध्यम से गैर-सरकारी रूप से संचालित की जा रही थी। इस नेटवर्क में गोवंशों के परिवहन, संग्रहण, वित्तीय लेन-देन एवं धनराशि के वितरण के लिए अलग-अलग व्यक्तियों तथा व्यापारिक खातों का उपयोग किया जा रहा है। बैंक खातों के विश्लेषण से प्राप्त तथ्यों के आधार पर धनराशि को विभिन्न स्तरों पर घुमाकर नकद निकासी के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली से बाहर निकालने का पैटर्न सामने आया है। शेष संबद्ध खातों एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण प्रचलित है तथा विवेचना की जा रही है।
8.गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण-
राजा कुरैशी उर्फ हासिन कुरैशी पुत्र – स्व० अब्दुल समद कुरैशी उम्र – लगभग 32 वर्ष निवासी – ग्राम बलिहट्टा, थाना पण्डुआ, जनपद हुगली, पश्चिम बंगाल।
9. आपराधिक नेटवर्क में शामिल पूर्व के गिरफ्तार अभियुक्तगण का विवरण-
1. जियाउल उर्फ जियाउद्दीन पुत्र अहमद अली उर्फ डंगर निवासी खुटहनिया थाना करमा जनपद सोनभद्र।
2. रिशु यादव उर्फ विकास यादव पुत्र स्व० जोगेन्द्र यादव निवासी ग्राम नकबई थाना घोरावल जिला सोनभद्र।
3. भगवान यादव पुत्र राम दुलार यादव निवासी निरंजनपुर थाना चैनपुर जनपद कैमूर भभुआ बिहार।
4. विकास यादव पुत्र बुट्टन यादव निवासी झरिया थाना चैनपुर जनपद कैमूर भभुआ बिहार।
5. विनोद सोनकर पुत्र विजयी सोनकर निवासी धुरकर थाना राजगढ जनपद मिर्जापुर।
6. प्रमोद हरिजन निवासी घुवास थाना घोरावल जनपद सोनभद्र।
7. शिवमंगल यादव पुत्र मुन्नीलाल निवासी पेढ थाना घोरावल जनपद सोनभद्र।
8. गोरख उर्फ हजारी प्रसाद पुत्र भगवान दास सोनकर निवासी ददरा पहाड़ी थाना राजगढ जनपद मिर्जापुर।
9. मो0 अमीनुद्दीन पुत्र मो० नियाज अहमद निवासी चैनपुर थाना चैनपुर जनपद कैमूर भभुआ बिहार।
10. शेख सुल्तान अली पुत्र शेख इरफान अली निवासी खुरमाबाद थाना चेनारी जिला रोहतास बिहार।
11. राजा कुरैशी उर्फ हासिन कुरैशी पुत्र अब्दुल समद कुरैशी निवासी बलिहट्टा थाना पण्डुआ जिला हुगली पश्चिम बंगाल।








