मुख्यमंत्री की मंशानुरूप ओवरलोड वाहनों एवं अनधिकृत संचालन के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करे। राज्यमंत्री

ए के गुप्ता,मीडिया हाउस न्यूज एजेन्सी 8ता.लखनऊ-उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दय़ाशंकर सिंह ने बताया कि 1 अप्रैल, 2023 से 6 जून, 2023 तक प्रदेश में कुल 19524 ओवरलोड वाहनों के चालान हुए एवं 8664 वाहन सीज किये गये। उन्होने बताया कि इसी अवधि में 2022 में कुल 25681 ओवरलोड वाहनों का चालान एवं 6051 वाहन सीज किये गये थे। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 30 प्रतिशत चालान कम हुये, जबकि 40 प्रतिशत वाहन अधिक सीज हुये है।
परिवहन मंत्री ने सभी सम्भागीय/उपसम्भागीय परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिये है कि मुख्यमंत्री की मंशानुरूप ओवरलोड वाहनों एवं अनधिकृत संचालन के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करे। अधिकारी स्वयं भी चेकिंग अभियान चलाकर ओवरलोडिंग, अनाधिकृत संचालन, अवैध बस स्टेशनों पर समय-समय पर कार्रवाई करते रहेंगे। जिससे कि इस प्रकार की गतिविधियों में नियंत्रण स्थापित हो।

मई 2023 तक 13.7 प्रतिशत राजस्व की प्राप्ति हुई-परिवहन मंत्री
लखनऊ-वित्तीय वर्ष 2023 24 के लिए परिवहन विभाग का पूरे प्रदेश में 12672.00 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य के सापेक्ष माह मई 2023 तक 1656.51 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त किया जा चुका है, जो कि निर्धारित लक्ष्य का 13.7 प्रतिशत है। गत वर्ष माह मई 2022 तक 8.39 प्रतिशत राजस्व प्राप्ति रही थी। पिछले वर्ष की तुलना में यह लगभग 5 प्रतिशत अधिक है।
यह जानकारी उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने दी। उन्होंने सभी संभागीय/उपसंभागीय परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित राजस्व लक्ष्य को प्राप्त करने में और अधिक प्रयास करें। वाहनों के रजिस्ट्रेशन, नवीनीकरण, बकाया शुल्क इत्यादि की जांच करें एवं निर्धारित समय में फाइलों का निस्तारण करें। प्रवर्तन अधिकारियों के प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा की जाए एवं टोल प्लाजा में किए जा रहे चलाना के संबंध में संभागीय परिवहन कार्यालय द्वारा कार्यों में तेजी लायी जाए। उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा द्वारा किये जा रहे ओवरलोड मालयानों एवं ओवर स्पीड वाले वाहनों का चालान प्राप्त हो रहा है। इस चालान को निर्धारित प्रारूप के अनुसार कार्यवाही करें, जिससे कि प्रशमन शुल्क की वसूली में तेजी लायी जा सके।

यूपी में अब वसीयत का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी नहीं... इलाहाबाद हाई कोर्ट का आदेश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *