अजरबैजान में टेलीग्राम के संस्थापक दुरोव व राष्ट्रपति पुतिन के बीच बैठक नहीं : क्रेमल‍िन

मॉस्को, 26 अगस्त (आईएएनएस)। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस महीने की शुरुआत में अजरबैजान की अपनी यात्रा के दौरान टेलीग्राम के सीईओ पावेल दुरोव से कोई मुलाकात नहीं की। दुरोव को फ्रांसीसी अधिकारियों ने गिरफ्तार क‍िया है। यह बात क्रेमल‍िन की ओर से कही गई।

आरटी के रिपोर्ट के अनुसार, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में यह स्पष्टीकरण दिया। दुरोव को शनिवार को एक निजी जेट से अजरबैजान से आने के बाद पेरिस हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था।

हालांकि, प्रवक्‍ता ने गिरफ्तारी पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “हमें नहीं पता कि उन पर क्या आरोप लगाया गया है। हमने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं सुना है। हमें कुछ भी कहने से पहले स्थिति के स्पष्ट होने का इंतजार करना होगा।”

प्रवक्ता ने उन मीडिया रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि दुरोव ने 18 और 19 अगस्त को बाकू की अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी। उस समय कई मीडिया आउटलेट्स ने बताया कि दोनों एक ही समय में शहर का दौरा कर रहे थे और दावा किया कि पर्दे के पीछे उनकी मुलाकात हुई थी।

फ्रांसीसी अधिकारियों ने अभी तक रूसी टेक कारोबारी पर लगे आरोपों का विवरण नहीं दिया है। दुरोव के पास फ्रांस, यूएई और कैरिबियाई द्वीप राष्ट्र सेंट किट्स एंड नेविस की नागरिकता है।

कई रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें टेलीग्राम पर कथित तौर पर आपराधिक गतिविधि फैलाने के आरोपों में गिरफ़्तार किया गया। टेलीग्राम ने दुरोव की ओर से किसी भी तरह के गलत काम से इनकार किया है।”

पंजाब : फिरोजपुर में पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त कार्रवाई; हेरोइन बरामद, एक गिरफ्तार

इसने कहा कि यह डिजिटल सेवा अधिनियम सहित यूरोपीय संघ के कानूनों का पालन करता है। टेलीग्राम यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध के लिए सूचना का एक महत्वपूर्ण स्रोत रहा है। अप्रैल में अमेरिकी राजनीतिक टिप्पणीकार टकर कार्लसन के साथ एक साक्षात्कार में, दुरोव ने कहा कि टेलीग्राम का लक्ष्य एक “तटस्थ” प्लेटफ़ॉर्म बनना है।

एलन मस्क सहित कई पश्चिमी देशों और रूस के नेताओं ने इस घटनाक्रम की निंदा करते हुए इसे मुक्त भाषण पर नकेल कसने वाला बताया है और दावा किया है कि दुरोव की गिरफ़्तारी के पीछे अमेरिका का हाथ है।

–आईएएनएस

एससीएच/सीबीटी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *