प्रधानमंत्री मोदी का फरवरी महीना रहा व्यस्ततम, देश-विदेश से लेकर सनातन धर्म और कूटनीति तक के नाम

नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। साल 2025 के फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी यात्रा, संवाद और कार्यों के माध्यम से एक बार फिर यह साबित किया कि उनका नेतृत्व दुनियाभर में महत्वपूर्ण प्रभाव छोड़ रहा है। फरवरी में प्रधानमंत्री मोदी ने जहां धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़ी अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया, वहीं कूटनीतिक मोर्चे पर भी भारत की शक्ति और सशक्त कूटनीति को प्रगति की दिशा में अग्रसर किया।

फरवरी में प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी कूटनीतिक यात्रा की शुरुआत फ्रांस से की, जहां उन्होंने पेरिस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की और एआई एक्शन समिट में हिस्सा लिया। समिट में उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को लेकर अपनी दृष्टि साझा की, जो भारत और फ्रांस के रिश्तों को और भी सशक्त करेगा। इस दौरान पीएम मोदी ने मार्सेल जाने से पहले राष्ट्रपति मैक्रों के साथ कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

इसके बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। व्हाइट हाउस में हुई इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी तकनीकी दिग्गज एलन मस्क और उनकी फैमिली से भी मुलाकात की, जिससे दोनों देशों के बीच तकनीकी और व्यापारिक रिश्तों को आगे बढ़ाने की संभावनाएं खुली।

इसके अलावा, फरवरी में प्रधानमंत्री मोदी का धार्मिक कार्यों में भी गहरा जुड़ाव देखने को मिला। उन्होंने प्रयागराज में महाकुंभ के अवसर पर त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई और इस अवसर पर संतों और साधुओं से संवाद किया। यह उनकी हिंदू धर्म के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान को दर्शाता है। इसके साथ ही, उन्होंने मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम में पंडित धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात की और वहां पर विशेष पूजा-अर्चना की।

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बागेश्वर धाम में उनकी उपस्थिति ने धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों में एक नई ऊर्जा का संचार किया। पीएम मोदी की एक और तस्वीर भी काफी चर्चे में रही, जिसमें उन्हें अपने माथे पर रुद्राक्ष लगाए देखा गया।

भारत में प्रधानमंत्री मोदी ने कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में भारत को निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया। इसके अलावा, दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत के बाद, उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने की दिशा में सहयोग की अपील की।

इसके अलावा, उन्होंने एनडीए के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों से भी मुलाकात की और उनके साथ कई मुद्दों पर बातचीत की, जिससे केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।

नई दिल्ली में उन्होंने एनडीए के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के साथ दोपहर के भोजन पर बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में एनडीए के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के बाद भाजपा मुख्यालय में जीत के जश्न में शामिल हुए और दिल्ली चुनाव के बाद भारी भीड़ का अभिवादन किया। उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित दिल्ली सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भी भाग लिया और धार्मिक नेताओं से मुलाकात की।

फरवरी के अंत में पीएम मोदी ने असम के गुवाहाटी में झूमोर बिनंदिनी कार्यक्रम में असम की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का जश्न मनाया। उन्होंने इस कार्यक्रम में भाग लिया, जहां उन्होंने झूमर नृत्य के साथ असम की लोक कला और संगीत का आनंद लिया। यह उनके नेतृत्व में भारत की विविधता और संस्कृति को दुनिया के सामने पेश करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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इस पूरे महीने के कार्यक्रमों को अगर हम ध्यान से देखें तो फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल देश की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान किया, बल्कि वैश्विक मंचों पर भारत के प्रभाव को भी मजबूत किया। उन्होंने भारतीय कूटनीति की शक्ति को प्रस्तुत करते हुए यह साबित किया कि उनके नेतृत्व में भारत का स्थान दुनिया में एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभर रहा है।

–आईएएनएस

पीएसके/एबीएम

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