कॉमेडियन कुणाल कामरा विवाद : राजनेताओं ने 'फ्रीडम ऑफ स्पीच' का बताया दुरुपयोग 

मुंबई, 24 मार्च (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को लेकर कॉमेडियन कुणाल कामरा का जोक चर्चा का विषय बना हुआ है। सोमवार को तमाम पार्टियों के राजनेताओं ने आईएएनएस से बात करते हुए अपनी राय रखी।

शिवसेना सांसद धैर्यशील माने ने आईएएनएस से कहा, “कामरा एक कॉमेडियन हैं और उन्हें समझ होनी चाहिए कि किसी के बारे में व्यक्तिगत टिप्पणी करने के परिणाम क्या हो सकते हैं। किसी के करियर या परिवार पर ऐसा मजाक नहीं किया जा सकता। कामरा ने जो कहा, वो अस्वीकार्य है। मुझे नहीं लग रहा कि यह कामरा के बोल हैं। शायद इसकी स्क्रिप्ट संजय राउत ने लिखी। राउत जो बातें अक्सर करते हैं, वही कामरा ने बोला है। कहीं, कॉमेडी के नाम पर लोगों को कुछ और बताने की कोशिश तो नहीं थी? शिवसेना की तरफ से हम उनके बयान का विरोध करते हैं।”

भाजपा सांसद रक्षा खड़गे ने कहा, “कॉमेडियन कामरा ने फ्रीडम ऑफ स्पीच का गलत इस्तेमाल किया है। ऐसा करना गलत है। किसी भी राजनेता, जो प्रदेश में उप मुख्यमंत्री पद पर हैं, उन पर गाना बनाना और ऐसा बोलना गलत है। यह निंदा करने वाला विषय है। महाराष्ट्र में भी लोगों के अंदर काफी रोष है, किसी भी प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।”

शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने कहा, “राजनीति से जुड़े कुछ लोगों ने दूसरे वर्ग के लोगों को अपना काम करने और लोगों का ध्यान हटाने के लिए रखा है। शिवसेना (यूबीटी) के खिलाफ दिशा सालियान के पिता ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की। इससे सभी का ध्यान हटाने के लिए उन्होंने कामरा जैसे लोगों को हायर किया है। हमें गर्व है कि देश के दूसरे सबसे बड़े राज्य का मुख्यमंत्री ऑटो रिक्शा ड्राइवर हुआ करता था, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का प्रधानमंत्री एक साधारण चाय वाला था। लेकिन, कामरा ने जिस भाषा का प्रयोग किया है, उससे साफ मतलब निकलता है कि वो शिवसेना (यूबीटी) के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं।”

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कुणाल कामरा की कॉमेडी के बाद हो रहे विवाद और स्टूडियो में तोड़फोड़ को लेकर महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य एवं शिवसेना (यूबीटी) के नेता भास्कर जाधव ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कुणाल का बचाव करते हुए कहा, “वो एक कलाकार हैं और बहुत सारे शो में राजनेताओं पर व्यंग्य किया जाता है। अगर पार्टी के कार्यकर्ता किसी को मारने और ऑफिस में तोड़फोड़ करने लग जाएं तो प्रदेश में कानून का राज नहीं, जंगलराज हो जाएगा।”

–आईएएनएस

एससीएच/एबीएम

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