पीएम मोदी ने चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक का किया स्वागत, आर्थिक भागीदारी पर चर्चा

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट मंगलवार को पांच दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में राष्ट्रपति बोरिक का स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और चिली के संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। खास बात यह है कि आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत और चिली ने चार महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति गेब्रियल से मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा, “भारत एक खास मित्र का स्वागत करता है! दिल्ली में राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट की मेजबानी करना हमारे लिए खुशी की बात है। चिली लैटिन अमेरिका में हमारा एक महत्वपूर्ण मित्र है। आज की हमारी बातचीत भारत-चिली द्विपक्षीय मैत्री को और भी मजबूत करेगी।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे लिखा, “हम चिली के साथ आर्थिक संबंधों को बढ़ाने के इच्छुक हैं। इस संबंध में, राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट और मैं इस बात पर सहमत हुए कि व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते के लिए चर्चा शुरू होनी चाहिए। हमने महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और कृषि जैसे क्षेत्रों पर भी चर्चा की, जहां नजदीकी संबंध संभव हैं। खास तौर पर स्वास्थ्य सेवा में भारत और चिली को और भी करीब आने की काफी संभावना है। चिली में योग और आयुर्वेद की बढ़ती लोकप्रियता खुशी की बात है। सांस्कृतिक और छात्र विनिमय कार्यक्रमों के जरिए हमारे देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।”

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वहीं, राष्ट्रपति गेब्रियल ने एक्स पर लिखा, “नई दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हम भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते के समतुल्य, एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर पहुंचने के लिए वार्ता शुरू होने की घोषणा करते हैं। यह जबरदस्त खबर आज की दुनिया में ऐसे महत्वपूर्ण देश के साथ मिलकर काम करने की हमारी प्रतिबद्धता को औपचारिक रूप देती है। यह उन समझौतों के अतिरिक्त है, जिन पर हमने खनन प्रशिक्षण एवं अन्वेषण, आपदा प्रबंधन, तथा सांस्कृतिक एवं अंटार्कटिक क्षेत्रों में सहयोग के संबंध में हस्ताक्षर किए हैं। हम अधिक निवेश और रोजगार, अपनी अर्थव्यवस्था के विविधीकरण तथा भारत जैसे मित्र देश के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए काम करना जारी रखेंगे।”

–आईएएनएस

पीएसके/सीबीटी

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