पंचायती राज मंत्रालय ने पंचायती राज संस्थानों को 15वें वित्त आयोग के तहत ऑनलाइन लेखा परीक्षा, बैठक आयोजित की

मीडिया हाउस न्यूज एजेन्सी 11ता.नई दिल्ली-पंचायती राज मंत्रालय ने 10 मार्च, 2023 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में पंचायती राज संस्थानों को 15वें वित्त आयोग के तहत ऑनलाइन लेखा परीक्षा तथा जारी करने की प्रक्रिया पर चर्चा करने के लिए राज्यों के साथ परामर्श बैठक आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता पंचायती राज मंत्रालय के सचिव सुनील कुमार ने पेयजल और स्वच्छता विभाग की सचिव विनी महाजन तथा अपर उपनियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (स्थानीय निकाय) सुबीर मल्लिक की उपस्थिति में की। पंचायती राज मंत्रालय के अपर सचिव डॉ. चंद्र शेखर कुमार एवं संयुक्त सचिव आलोक प्रेम नागर ने भी बैठक में सहभागिता की। बैठक में राज्य पंचायती राज विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ 20 से अधिक राज्यों के स्थानीय निधि और लेखा परीक्षा निदेशालय के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। पंचायती राज मंत्रालय के सचिव सुनील कुमार ने अपने मुख्य भाषण में ऑनलाइन लेखा परीक्षा के माध्यम से पीआरआई में उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए राज्यों के प्रयासों की सराहना की और आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना जैसे राज्यों के अनुकरणीय प्रयासों का उल्लेख किया। पंचायती राज मंत्रालय के सचिव सुनील कुमार ने राज्यों को जमीनी स्तर पर राजकोषीय विचलन में प्रचालन कमियों की पहचान करने की सलाह दी और बल देकर कहा कि लेखा परीक्षा पैरा, लेखा परीक्षा टिप्पणियों एवं कृत कार्रवाई रिपोर्ट पर अनिवार्य रूप से अधिक ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। पेयजल और स्वच्छता विभाग की सचिव विनी महाजन ने उद्घाटन टिप्पणी करते हुए जल सुरक्षा, परिसंपत्तियों की पर्याप्त ओएंडएम तथा गांवों में स्वच्छता पर जोर दिया। डीडीडब्ल्यूएस के सचिव ने माना कि 15वें वित्त आयोग अनुदान, जल जीवन मिशन तथा राज्य वित्त आयोग अनुदानों का संयोजन गांवों में जल सुरक्षा एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए पीआरआई के समक्ष एक अनूठा अवसर प्रस्तुत करता है।

अपर उपनियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक सुबीर मल्लिक ने कहा कि ई-ग्राम स्वाराज, ऑनलाइन लेखा परीक्षा तथा ई-जीएसपीआई जैसे तंत्र पंचायती राज संस्थानों में प्रभावी ऑनलाइन लेखा परीक्षा के लिए सक्षमकर्ताओं के रूप में विकसित हुए हैं। कृत कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) की गई लेखा परीक्षा टिप्पणियों पर प्रगति की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण है और पंचायती राज संस्थान स्तर पर जवाबदेही बनाये रखने के लिए आवश्यक है। अपर डिप्टी सीएजी ने रेखांकित किया कि लेखा परीक्षा टिप्पणियों का निवारण सुनिश्चित करने तथा जमीनी स्तर पर जवाबदेही अंतराल को पाटने के लिए जिला स्तर और ग्राम सभा स्तर पर निगरानी तंत्र को सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है।पंचायती राज मंत्रालय के अपर सचिव डॉ. चंद्र शेखर कुमार ने राज्यों को पंचायतों की ऑनलाइन लेखा परीक्षा तथा वित्त आयोग अनुदानों के संवितरण पर सुझावों एवं चिंताओं के लिए इस प्लेटफॉर्म का लाभ उठाने पर बल दिया।पंचायती राज मंत्रालय के संयुक्त सचिव आलोक प्रेम नागर द्वारा भी एक संक्षिप्त प्रस्तुति दी गई जिसमें 15वें वित्त आयोग के लिए जारी करने के लिए प्रचालनगत दिशानिर्देशों को रेखांकित किया गया एवं ई-ग्रामस्वराज तथा ऑनलाइन लेखा परीक्षा पर राज्यों की प्रगति प्रदर्शित की गई। राज्यों से विद्यमान अनुदान अंतरण प्रमाणपत्रों में किसी भी संशोधन के लिए सुझाव भी मांगे गए। राज्यों को ई-ग्रामस्वराज तथा ऑनलाइन लेखा परीक्षा पर 100 प्रतिशत ऑनबोर्डिंग के लिए एक कार्यनीति विकसित करने की भी सलाह दी गई है।

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असम, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड एवं पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों ने सक्रियतापूर्वक बैठक में हिस्सा लिया और एफसी अनुदानों के उपयोग में जवाबदेही तथा पारदर्शिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ ई-ग्रामस्वराज तथा ऑनलाइन लेखा परीक्षा पर पीआरआई की ऑनबोर्डिंग के लिए उनकी कार्यनीति पर बहुमूल्य सुझाव दिए।

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