साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

जालंधर, 3 जनवरी (आईएएनएस)। जालंधर देहात पुलिस ने छत्तीसगढ़ से चलाए जा रहे एक साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोप‍ियों को पकड़ा है।

जालंधर देहात पुलिस ने छत्तीसगढ़ के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी दुबई और कंबोडिया से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का हिस्सा हैं। आरोपियों की पहचान वरिंदर सिंह पुत्र शादी सिंह और अमरिंदर सिंह सैनी पुत्र शिंगारा सिंह निवासी भिलाई, छत्तीसगढ़ के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को जल्द कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।

मामले की जांच तब शुरू हुई, जब जालंधर देहात के थाना फिल्लौर में एक साथ नौ लोगों ने शिकायत की। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से कहा उन्हें बैंक खाते खोलने के लिए 2,000 से 3,000 रुपये की पेशकश की गई। बाद में इन खातों का दुरुपयोग अवैध वित्तीय लेनदेन के लिए किया गया। इसमें हवाला संचालन और गेमिंग और बैटिंग एप्लिकेशन के माध्यम से पैसा ट्रांसफर किया गया। पैसा दुबई और कंबोडिया में स्थानांतरित करने से पहले दिल्ली के रास्ते भेजा जाता था।

डीएसपी सरवन सिंह ने बताया कि फिल्लौर थाने में मामला दर्ज कराया और स्पेशल टीम द्वारा जांच आगे बढ़ाई गई। यह सफलता तब मिली, जब शिकायतकर्ता आकाशदीप ने पुलिस को अपने कर्नाटक बैंक खाते से 1.40 करोड़ रुपये के अनधिकृत लेनदेन के बारे में सूचित किया। इसके अलावा एक अन्य शिकायतकर्ता संजीव ने पुलिस को आरोपी की पहचान करने में मदद करने के लिए एक फर्जी व्यक्ति के रूप में काम किया। जांच में 23 बैंक खातों का पता चला है। जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी गतिविधियों के लिए किए जाने का संदेह है।

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सरवन सिंह ने बताया कि गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को टारगेट करता था। उनके बैंक खातों का इस्तेमाल हवाला लेनदेन के लिए किया और पैसे को विदेशी नेटवर्क में भेजा। गिरोह के संचालक पंजाब, दिल्ली और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में फैले हुए थे और उनके दुबई और कंबोडिया से संबंध थे। दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा और उनके संबंधों की जांच करने, गैंग के अन्‍य सदस्यों की पहचान करने और वित्तीय निशान का पता लगाने के लिए उनका रिमांड मांगा जाएगा।

–आईएएनएस

एकेएस/सीबीटी

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