राजधानी भोपाल में बड़े बायपास प्रोजेक्ट को मंजूरी, हजारों पेड़ों की कटाई पर बढ़ी चिंता

भोपाल 

भोपाल शहर में अभी अरेरा हिल्स की 45 साल पुरानी हरियाली में से 2000 पेड़ों को हटाने का मामला अभी ही रहा है कि ग्रामीण क्षेत्र में भी 45 हेक्टेयर वनक्षेत्र में से 3200 बड़े व दस हजार छोटे झाड़-झाड़ियों को खत्म करने की तैयारी शुरू कर दी है। पश्चिमी बायपास प्रोजेक्ट में ये हरियाली खत्म करने की पटकथा लिख दी गई है।

हालांकि इसके विरोध में आवाजें उठी और सरकार के पास 40 शिकायतें पहुंच गई है। स्थानीय लोगों का दबाव भी है और अब फिर डिजाइन बदलने पर विचार शुरू हो गया है। खासतौर पर समसगढ़ और इससे लगे क्षेत्र में वन व कैचमेंट को बचाने आवाज तेज हुई है।

भानपुर केकड़िया से फंदा कलां तक कटेंगे पेड़
जबलपुर राजमार्ग स्थित भानपुर पश्चिम बायपास चार लेन पेव्हड शोल्डर प्रोजेक्ट है। भोपाल केकडिया से शुरू होकर भोपाल देवास मार्ग स्टेट हाईवे 28 के फंदा कलां पर जुड़ेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग 45 व 46 से आंकर इंदौर की ओर जाने वाले भारी वाहन शहरी क्षेत्र में प्रवेश किए बिना आवागमन कर सकेंगे। इसकी लंबाई 35.611 किमी. प्रस्तावित है। बायपास एक लेन पांच किमी लंबाई में वनक्षेत्र है। यहां सात स्थानों पर 610 मीटर लंबाई में वायडक्ट बनाया जाएगा, ताकि वन्यजीव ट्रैफिक से उलझे बिना निकल जाएं। वनक्षेत्र मार्ग निर्माण में 45 हेक्टेयर भूमि के साथ 3200 पेड़ प्रभावित होंगे।

ऐसे समझें ग्रामवार जमीन व पेड़

-हेक्टयर निजी भूमि जबकि 7.55 हेक्टेयर सरकारी भूमि है। भू अर्जन में चार भवन व 35 पेड़ प्रभावित होंगे।

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-भानपुर केकड़िया में 8.45 हेक्टेयर निजी व 8.38 हेक्टेयर सरकारी भूमि प्रभावित।

-झागरिया खुर्द में 19.30 हेक्टेयर निजी जबकि 2.11 हेक्टेयर सरकारी भूमि प्रभावित होगी। यहां आठ भवन व 40 पेड़ हटेंगे।

-फंदा कलां में बड़ा तालाब वेटलैंड में पानी पहुंचाने वाले नाले हैं। यहां नालों पर ब्रिज व कल्वर्ट बनाना प्रस्तावित ।

-फंदाखुर्द में 1.75 हेक्टेयर निजी भूमि व 0.20 हेक्टेयर सरकारी भूमि प्रभावित। यहां 20 पेड़ प्रभावित होंगे।

-सरवर में 2.04 हेक्टेयर निजी व 0.55 हेक्टेयर सरकारी भूमि प्रभावित। यहां एक भवन हटेगा।

-समसपुरा में 7.02 हेक्टेयर निजी भूमि व 3.43 हेक्टेयर सरकारी भूमि प्रभावित। यहां तीन भवन व 54 पेड़ हटेंगे।

-पिपलिया धाकड़ में 6.62 हेक्टेयर निजी भूमि व 1.01 हेक्टेयर सरकारी भूमि प्रभावित होगी। एक भवन व 23 पेड़ हटेंगे।

-थुआखेड़ा में 12.1284 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी।

-नरेला में 12.89 हेक्टेयर निजी व 0.65 हेक्टेयर सरकारी जमीन प्रभावित। दो भवन व 150 पेड़ हटेंगे।

-मूंडला में 12.40 हेक्टेयर निजी व 0.75 हेक्टेयर सरकारी जमीन प्रभावित। दो भवन व 70 पेड़ हटेंगे।

-आंवला में 15.28 हेक्टेयर निजी व 0.34 हेक्टेयर सरकारी जमीन प्रभावित। चार भवन व 50 पेड़ हटेंगे।

-हताईखेड़ी में 3.85 हेक्टेयर निजी व 0.22 हेक्टेयर सरकारी जमीन प्रभावित। 50 पेड़ हटेंगे।

-जाटखेड़ी में 7.72 निजी व 0.91 हेक्टेयर सरकारी भूमि प्रभावित।

पश्चिम बायपास में वन व कैचमेंट का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो रहा। पहले की डिजाइन में कम था। इसे पूरी तरह से वन व कैचमेंट से दूर करना चाहिए। हमने शिकायतें की है। मामले में कोर्ट में भी ले जाएंगे। – राशीदनूर खान, पर्यावरण एक्टिविस्ट

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