कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर भड़के बिहार के मंत्री, कहा – करोड़ों लोगों का किया अपमान

पटना, 28 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के महाकुंभ पर दिए गए बयान पर बिहार के मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता संतोष सुमन ने पलटवार किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि महाकुंभ आस्था का पर्व है। कहा जा रहा है कि यहां कई करोड़ लोग आएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष का बयान इन सभी लोगों का अपमान है, उन्हें देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

बिहार के मंत्री संतोष सुमन ने कहा कि लोकतंत्र में सभी लोगों को अपना धर्म मानने की स्वतंत्रता है और लोग महाकुंभ में पहुंच रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हो सकता है वह ईसाई धर्म से प्रभावित हों, कांग्रेस के सर्वेसर्वा भी इससे प्रभावित हैं। इस कारण वह सोचते होंगे कि यहां सनातन धर्म नहीं बढ़े, इस कारण वह ऐसी बातें कर रहे होंगे।

उन्होंने आगे कहा, “वैसे, ऐसी बातें करने से उन्हें कोई लाभ होने वाला नहीं है। धर्म ही है जो हम लोगों को एक करता है। अपने-अपने धर्म के अनुसार यहां सभी लोग अपनी पद्धति को अपनाते हैं।” उन्होंने आगे कांग्रेस नेता खड़गे को नसीहत देते हुए कहा कि राजनीति करने आए हैं, तो राजनीतिक बातें करें। वह अपनी नाकामी को छुपाने के लिए इस तरह की बातें कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि गंगा में डुबकी लेने से गरीबी दूर होती है क्या, आपके पेट को क्या इससे खाना मिलता है?

इधर, बिहार के मंत्री सुमन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न दिए जाने की उठ रही मांग पर कहा कि जिस तरह से नीतीश कुमार ने बिहार में काम किया है और अशांत बिहार को शांति की तरफ ले आए। हर क्षेत्र में विकास हुआ है। ऐसी स्थिति में नीतीश कुमार को भारत रत्न मिलना चाहिए, यह बिल्कुल सही है।

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बिहार विधानसभा में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ने के सवाल पर जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम सभी 243 सीटों पर तैयारी कर रहे हैं। हमारा जो संगठन है, उस संगठन के हिसाब से तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि जब समय आएगा, सभी बातें तय हो जाएंगी। मंत्री संतोष सुमन से जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत के राजनीति में आने के सवाल पर कहा कि सभी लोग राजनीति में आने के लिए स्वतंत्र हैं। अगर वे राजनीति में आकर लोगों की सेवा करना चाहते हैं, तो उन्हें कोई रोक नहीं सकता।

–आईएएनएस

एमएनपी/एएस

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