धामी सरकार ने जल्दबाजी में लागू किया यूसीसी, जेडीयू इसके खिलाफ: खालिद अनवर

पटना, 27 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता अधिनियम (यूसीसी) सोमवार को लागू हो गया। लेकिन, इसको लेकर एनडीए में विरोध शुरू हो गया है। जदयू के एमएलसी खालिद अनवर ने इसका विरोध किया है।

खालिद अनवर ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि उत्तराखंड की जो गवर्नमेंट है, उनके एजेंडे में ये बात शामिल थी कि वह यूसीसी लेकर आएंगे। उनकी सरकार बनी और उन्होंने लागू किया है। लेकिन, जहां तक हम लोगों का सवाल है, जनता दल यूनाइटेड का सवाल है, हमारी पार्टी का शुरू से यह स्टैंड रहा है कि भारत विविधता से भरा हुआ देश है। यहां सभी तरह के कल्चर हैं, सिविलाइजेशन है, उसको प्रमोट करना चाहिए, न कि उसको डिमोट करना चाहिए। हम लोग यूनिफॉर्म सिविल कोर्ट के खिलाफ हैं। हम लोग यह समझते हैं कि यूनिफॉर्म सिविल कोड हमारे देश और समाज के लिए बेहतर नहीं है।

उन्होंने कहा कि पहले समाज को इसके लिए तैयार करना चाहिए कि हम क्या लेकर आ रहे हैं। मुझे लगता है उत्तराखंड की धामी सरकार ने बहुत जल्दबाजी में कदम उठाया है। उनका मसला है, मुझे उस पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। लेकिन, हमारी पार्टी और हमारे नेता नीतीश कुमार ने ‘लॉ कमीशन ऑफ इंडिया’ को लेटर लिखकर साफ कर दिया था कि हम लोग इसको बेहतर नहीं समझते हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने की चर्चा तेज है। इस पर जदयू एमएलसी खालिद अनवर ने कहा कि हमारे नेता नीतीश कुमार की जो क्रेडिबिलिटी है, उनके बारे में पूरी दुनिया जानती है। उन्होंने परिवारवाद का खात्मा किया है और कभी भी वंशवाद-परिवारवाद को प्रमोट नहीं किया।

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उन्होंने आगे कहा कि जनता दल यूनाइटेड ऐसी पॉलीटिकल पार्टी है, यहां कोई नेता यह नहीं कहेगा कि हमारे बेटे-बेटी को टिकट दे दीजिए, हमारी पत्नी को टिकट दे दीजिए, यह जनता दल यूनाइटेड और हमारे नेता नीतीश कुमार की विचारधारा है। आप जिसके बारे में पूछ रहे हैं तो यह हमें पता नहीं है कि वह राजनीति में आना चाहते हैं या नहीं आना चाहते हैं।

–आईएएनएस

एकेएस/एबीएम

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