बिहार की कानून व्यवस्था पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भड़कीं, जदयू एमएलए ने बताई एक्शन की जरूरत

पटना, 17 मार्च (आईएएनएस)। बिहार विधानमंडल के बजट सत्र में सोमवार को विपक्ष ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सरकार पर जोरदार सियासी हमला बोलते हुए कहा कि दो दिनों में 22 हत्याएं हुई हैं।

उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यह मंगलराज है, जंगलराज में यह नहीं होता था। दारोगा की हत्या नहीं होती थी। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अपराध के मुद्दे पर सरकार पूरी तरह से विफल है। विधान परिषद में विरोधी दल की नेता राबड़ी देवी ने कहा कि होली के दौरान राज्यभर में 22 लोगों की हत्या की गई है।

उन्होंने कहा कि दो दिन के भीतर 22 लोगों की हत्या कर दी गई है तो सोच लीजिए कि हर महीने कितने लोगों की हत्या बिहार में हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा, “सरकार के लोग कहते हैं कि बिहार में सुशासन की सरकार है तो उन्हें बताना चाहिए कि सुशासन कहां है। छोटी-छोटी बेटियों की रेप के बाद हत्या कर दी जाती है। जब राज्य में दारोगा और सिपाही मारे जा रहे हैं तो आम जनता का हाल क्या होगा, हर कोई जान रहा है। सरकार ने जिन लोगों को सुरक्षा करने का जिम्मा दिया है, उन्हीं लोगों की हत्या हो रही है तो आम लोगों का भगवान ही मालिक है। कहते हैं बिहार में सुशासन की सरकार है तो इस तरह की घटनाएं क्यों हो रही हैं।”

इधर, राजद के विधायक मुकेश यादव ने कहा कि बिहार में अपराधियों की सरकार है, गोलियों की बौछार है, यही नीतीश कुमार है। आम जनता की बात छोड़ दीजिए, सुरक्षा में लगे पुलिस अधिकारियों की भी हत्या हो रही है। इसलिए नीतीश कुमार को नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। विधायक रणविजय साहू ने कहा कि पूरे बिहार में त्राहिमाम है। एक भी जिला ऐसा नहीं है जहां प्रतिदिन हत्या नहीं हो रही है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री आंखों में पट्टी बांधे हुए हैं। मुख्यमंत्री मौन क्यों हैं? कहां गया सुशासन का नारा। बिहार की जनता सब देख रही है। ऐसे लोगों को अगले चुनाव में बंगाल की खाड़ी में भेजने का काम करेगी।

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इस बीच, जदयू के विधायक डॉ. संजीव ने कहा कि अब कड़े एक्शन की जरूरत है। वेट एंड वाच से काम नहीं चलेगा। जब आपके रक्षक की हत्या हो रही है तो सिर्फ गिरफ्तारी से काम नहीं चलने वाला है। कड़ी कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस को हथियार जो मिलता है, उसका समय पर चलाने का अधिकार भी मिलना चाहिए। आपको एनकाउंटर मोड में आना होगा।

–आईएएनएस

एमएनपी/एएस

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