पेशवा साम्राज्य में दलितों का होता था अपमान : उदित राज

नई दिल्ली, 6 मार्च (आईएएनएस)। औरंगजेब की तारीफ को लेकर विवादों में घिरे सपा नेता अबू आजमी के समर्थन में अखिलेश यादव उतर आए हैं। अखिलेश ने कहा कि निलंबन का आधार यदि विचारधारा से प्रभावित होने लगेगा तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और परतंत्रता में क्या अंतर रह जाएगा। उनके इस बयान पर अब कांग्रेस नेता उदित राज ने टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि अखिलेश ने अपने नेता का गलत समर्थन नहीं किया है।

कांग्रेस नेता उदित राज ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “अखिलेश यादव ने उनका (अबू आजमी) गलत समर्थन नहीं किया है। जहां क्रूर शासकों की बात आती है, तो बहुत सारे लोग क्रूर रहे हैं। पेशवा का साम्राज्य बहुत बड़ा था, वहां दलितों, पिछड़ों और महिलाओं की क्या हालत थी? क्या वह क्रूरता नहीं है? दलित समाज के लोग गले में हांडी बांधकर चलते थे, ताकि उनका थूक हांडी में ही गिरे और कमर में झाड़ू बंधी रहती थी, ताकि उनके पैर के निशान न रह जाएं, क्योंकि अगर उनके पैर के निशान रह गए, तो कोई सवर्ण समाज का व्यक्ति वहां से गुजरा, तो वह अछूत न हो जाए। इतना ज्यादा अत्याचार हुआ है।”

उन्होंने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज की सेना में मुस्लिम थे और औरंगजेब की सेना में हिंदू थे, जो युद्ध में लड़ते थे। औरंगजेब के शासनकाल में हिंदू मंत्री थे, वह कौन लोग थे? अगर इतिहास पढ़ें, तो पाएंगे कि जो लोग आज औरंगजेब को अत्याचारी बता रहे हैं, वो भी कभी उसके अत्याचार में सहयोगी थे। इस तरह से एक विशेष धर्म के राजा पर सवाल उठाना सही नहीं है, क्योंकि पहले राजाओं की लड़ाई थी, हिंदू या मुसलमान की लड़ाई नहीं थी।”

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उदित राज ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “भाजपा ने उन्हें आधा रिटायरमेंट दे दिया है। एक समय में जेडीयू के पास विधानसभा में करीब 120 सीटें थीं, लेकिन भाजपा ने एलजेपी को मजबूत करके और जेडीयू के खिलाफ अपने कैडर को मैदान में उतारकर उन्हें कमजोर कर दिया। सीएम की ताकत अब पहले जैसी नहीं रही। तेजस्वी यादव ने कहा है कि आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा खुद ही नीतीश कुमार को अलविदा कह देगी, ठीक वैसे ही जैसे उसने अकाली दल और शिवसेना को अलविदा कहा था। उनके दिन अब गिने-चुने रह गए हैं।”

कांग्रेस नेता ने आर्टिकल 370 पर बात करते हुए कहा, “सरकार ने आर्टिकल 370 खत्म करने पर तर्क दिया था कि आतंकवादियों की कमर टूटेगी, काले धन पर रोक लगेगी तथा जम्मू-कश्मीर का विकास होगा। मैं पूछना चाहता हूं कि जम्मू-कश्मीर में कितने इन्वेस्टर्स गए हैं? जम्मू-कश्मीर को अभी राज्य का दर्जा नहीं मिला है। मैं सिर्फ इतना ही कहूंगा कि भाजपा कहती थी कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद लाहौर में घुसकर मारेंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, इसलिए कम से कम उन्हें पीओके लेना चाहिए। अक्साई चीन के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था हम जान दे देंगे, मगर उस पर चीन का कब्जा हो गया।”

–आईएएनएस

एफएम/केआर

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