अमेरिकी नौसेना के साथ अभ्यास करेगी इंडियन नेवी, एयरफोर्स और आर्मी

नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। भारत के तीनों सशस्त्र बल यानी भारतीय वायुसेना, नौसेना और आर्मी अमेरिकी सेना के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण अभ्यास शुरू करने जा रही है। यह ट्राई सर्विसेस (तीनों सेनाओं का) अभ्यास ‘टाइगर ट्रायंफ’ है। इस अभ्यास का उद्देश्य मानवीय सहायता और आपदा राहत जैसे बेहद महत्वपूर्ण और जटिल कार्यों के लिए स्वयं को तैयार करना है।

यह अभ्यास 1 से 13 अप्रैल तक भारत के पूर्वी तट पर आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण अभ्यास का हिस्सा बनने के लिए अमेरिकी पक्ष की ओर से यूएस नेवी के जहाज आ चुके हैं। इनमें यूएसएस कॉमस्टॉक और राल्फ जॉनसन शामिल हैं।

अमेरिकी नौसैनिक जहाजों के साथ अभ्यास में अमेरिकी मरीन डिवीजन के सैनिकों की भी भागीदारी होगी। भारतीय नौसेना के जहाजों में आईएनएस जलाश्व, घड़ियाल, मुंबई और शक्ति शामिल हैं। नौसेना के हेलीकॉप्टर और लैंडिंग क्राफ्ट, लंबी दूरी के समुद्री पेट्रोल विमान पी 8आई भी अभ्यास में शामिल होंगे।

भारतीय सेना की बात की जाए तो भारतीय सेना की 91 इन्फैंट्री ब्रिगेड और 12 मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री बटालियन के जवान अभियान का हिस्सा हैं। भारतीय वायु सेना की ओर से इस अभ्यास में वायुसेना के सी-130 विमान और एमआई-17 हेलीकॉप्टर शामिल हैं। इनके साथ ही भारतीय वायुसेना की रैपिड एक्शन मेडिकल टीम भी अभ्यास में भाग लेगी।

यह ‘टाइगर ट्रायंफ’ का चौथा संस्करण है, जो मंगलवार से शुरू होने जा रहा है। यह भारत और अमेरिकी सेनाओं का एक संयुक्त द्विपक्षीय अभ्यास है। इस अभ्यास का उद्देश्य मानवीय सहायता और आपदा राहत संचालन में अंतर-संचालनीयता विकसित करना है। यहां संयुक्त समन्वय केंद्र स्थापित करने की एसओपी का निर्माण किया जाएगा। यह अभ्यासों और संकट की स्थितियों के दौरान भारतीय और अमेरिकी संयुक्त कार्य बलों के बीच तीव्र और सहज समन्वय को सक्षम करेगा।

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इस अभ्यास के हार्बर फेज की शुरुआत 1 अप्रैल से होगी। यह 7 अप्रैल तक विशाखापत्तनम में जारी रहेगा। इसमें 1 अप्रैल को आईएनएस जलाश्व पर एक संयुक्त ध्वज परेड और मीडिया इंटरएक्शन आयोजित होगा। दोनों पक्षों के प्रतिभागी प्रशिक्षण दौरे, विषय विशेषज्ञ आदान-प्रदान, खेल कार्यक्रम और सामाजिक इंटरएक्शन में भी भाग लेंगे।

हार्बर फेज समाप्त होने के बाद, जहाज और तैनात सैनिक आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पास समुद्री चरण के लिए निकलेंगे। यह दोनों देशों के समुद्री जहाज राहत एवं बचाव गतिविधियों का संचालन करेंगे।

अभ्यास के दौरान, भारतीय सेना और अमेरिकी मरीन द्वारा काकीनाडा नौसैनिक क्षेत्र में एक संयुक्त कमांड और कंट्रोल केंद्र स्थापित किया जाएगा। भारतीय वायुसेना की रैपिड एक्शन मेडिकल टीम और अमेरिकी नौसेना की चिकित्सा टीम एक संयुक्त चिकित्सा शिविर भी स्थापित करेगी।

इस शिविर में चिकित्सा सहायता प्रदान की जाएगी। यह अभ्यास 13 अप्रैल को विशाखापत्तनम में अमेरिकी नौसेना के जहाज कॉमस्टॉक पर समापन समारोह के साथ संपन्न होगा।

–आईएएनएस

जीसीबी/एबीएम

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