रांची में सरहुल-रामनवमी पर घंटों बिजली काटे जाने पर झारखंड हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

रांची, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। झारखंड हाईकोर्ट ने सरहुल त्योहार की शोभायात्रा के दौरान रांची के अलग-अलग इलाकों में पांच से दस घंटे तक बिजली की आपूर्ति रोके जाने पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और विद्युत आपूर्ति निगम से जवाब तलब किया है।

चीफ जस्टिस एमएस. रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रौशन की खंडपीठ ने इस मामले को जनहित याचिका के तौर पर दर्ज करते हुए पूछा है कि सरहुल के दिन घंटों बिजली आपूर्ति बाधित क्यों रही? इससे होने वाली परेशानी को ध्यान में क्यों नहीं रखा गया? बिजली काटे जाने से लोगों को होने वाली परेशानी से निजात दिलाने के लिए क्या वैकल्पिक उपाय किए जाते हैं?

कोर्ट ने इन सभी बिंदुओं पर नौ अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कोर्ट को बताया कि साल 2000 में रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान झंडे के बिजली के तार के संपर्क में आने से शोभायात्रा में करंट दौड़ गई थी और 29 लोगों की मौत हो गई थी। भविष्य में ऐसी घटना ना हो, इसको ध्यान में रखकर झंडों के साथ निकलने वाली धार्मिक शोभा यात्राओं के दौरान बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। इस वर्ष 1 अप्रैल को सरहुल के दौरान भी एहतियाती उपाय के तहत 5 से 10 घंटे तक बिजली काटी गई थी।

अदालत को यह भी बताया गया कि सरहुल के बाद 6 अप्रैल को रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान और 6 जुलाई को मुहर्रम जुलूस के मद्देनजर बिजली सप्लाई रोकने की जरूरत होगी।

राजनीतिक दृष्टिकोण से लिए फैसले, निष्पक्षता नहीं : अशोक गहलोत

इस पर बेंच ने कहा कि कोई हादसा ना हो, इसके उपाय सुनिश्चित कराए जाएं, लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह अनिवार्य सेवा है। इस मामले में अदालत में 9 अप्रैल को विस्तृत सुनवाई होगी।

–आईएएनएस

एसएनसी/एबीएम

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *