प्रदूषण का मुद्दा-राखड़ बहाया जाना, न रुक तो होगा उग्र आंदोलन, नदी में राखड़ ओवर फ्लो के जरिए आया है उप महाप्रबंधक.!
जल सत्याग्रह-रेणुका नदी में राखड़ न बहाए जाने का मिला आश्वासन-जगत नारायण विश्वकर्मा

AKGupta.मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी सोनभद्र – विगत काफी समय से रेणुका नदी में खुलेआम राखड़ बाहये जाने व पूरे नदी नाले का जल राखड़ युक्त होने व देखे जाने पर ग्रामीणों में काफी आक्रोश फैल गया, ग्रामीणों की समस्या को लेकर जब लोग आंदोलन के राह पर उतरे तो थर्मल पावर के अधिकारी मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारी को दिया आश्वासन।
ओबरा तहसील के ग्राम पंचायत पनारी के चकाडी और गुड़ूर के बीच रेणुका नदी बहाए जा रहे तापीय परियोजना के राखड़ को लेकर रविवार को सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी के बैनर तले जल सत्याग्रह का आयोजन स्थानीय ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने किया। स्थानीय ग्रामीणों ने रेणुका नदी की व्यथा और उससे उपजी विकराल समस्या से अवगत कराते हुए बताया कि परियोजना का राखड़ किसानों के खेत से होते हुए नदी में मिल रहा है। रखड़ के दलदल व रखड़ यक्त पानी व फंसने के कारण काफी जानवरों की मौत हो जाती है। ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है जिसके कारण कैंसर, पागल पन, चिड़चिड़ा पन, खुजली, जलन, टाइफाइड, अस्थमा आदि जैसी बीमारियां बढ़ रही है नदी के जलीय जीव भी विलुप्त हो रहे। सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी के संयोजक रामेश्वर प्रसाद, जगत नारायण विश्वकर्मा ने कहा कि जल प्रदूषण की बहुत ही गंभीर समस्या है इसकी अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सभी नियमों का हर हाल में पालन हो अन्यथा हम लोग अगली बार हजारों की संख्या में एकत्र होकर सत्याग्रह करने को मजबूर होो जाएंगे जिसकी सारी जिम्ममेदारी शासन प्रशासन एवंं प्रबंधक की होगी।
सत्याग्रह स्थल पर थर्मल पावर ओबरा के उप महाप्रबंधक ए के राय ने पहुंच कर आश्वाशन दिया कि हम मानते है कि नदी में राखड़ ओवर फ्लो के जरिए आया है। उसके लिए हम लोग तेजी के काम कर रहे है आगे नदी में राखड़ नहीं बहाया जाएगा, साथ ही कहा गर्मी के दिनों में राखड़ नहीं उड़ने दिया जाएगा।ग्रामीणों की जो भी समस्या होगी उसका सार्थक समाधान तत्परता के साथ किया जाएगा। मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि कोरा आश्वासन से हम लोग ऊब चुके है। मौके पर ए के राय अधिशासी अभियंता, अंकुर, अजय भारती, अखिलेश, कन्नौजिया, अंकित कुमार, राम विलास, साहनी, हरीचंद, राम जानकी, राम निहोर, लालचंद, जनार्दन, रामचंद्र, प्रमोद चौबे, सिंगरौली प्रदूषण, मुक्ति वाहिनी के संयोजक रामेश्वर,रमेश यादव, मीना, प्रेम कुमारी लीलावती, विजय, दीना नाथ, रामकरण आदि उपस्थित रहे।










