ज़िंक युक्त भोजन क्यों जरूरी, जानें पांच कारण

नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। शरीर को स्वस्थ और अच्छा बनाए रखने के लिए हमारे खाने में विटामिन, कैल्शियम, आयरन, जिंक जैसे तत्वों का होना बहुत जरूरी है। ये ही वो तत्व हैं जो हमारे शरीर को चलाने और शरीर के अंगों को ऊर्जा देने के लिए आवश्यक होते हैं।

आयरन के बाद जिंक इंसानी शरीर के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। यह एक ऐसा पोषक तत्व है जिसके बिना इंसान सेहतमंद नहीं रह सकता। रिसर्च के मुताबिक 19 वर्ष और उससे अधिक उम्र के पुरुषों 11 मिलीग्राम जिंक और इसी उम्र वर्ग की महिलाओं में 8 मिलीग्राम जिंक होता है।

उत्तर प्रदेश के हरदोई में शतायु आयुर्वेदा एवं पंचकर्म केंद्र चलाने वाले डॉक्टर अमित कुमार ने बताया कि कई शारीरिक परेशानियों से जिंक हमें बचाता है। उन्होंने बताया कि जिंक एक ऐसा तत्व है जो शरीर में ग्रहण करने से लेकर शरीर को सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाने वाले सन स्किन लोशन तक में होता है।

सन स्किन लोशन जिंक आक्साइड का बना होता है। वह कहते हैं, “जिंक एक ऐसा पोषक तत्व है जिसे अक्सर लोग अनदेखा कर देते हैं। चिलचिलाती गर्मियों में पर्याप्त जिंक लेने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

डॉक्टर अमित ने जिंक को प्रचुर मात्रा में लेने के कई फायदे गिनवाए।

उन्होंने कहा “ अमूमन ये खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। जिंक की महत्वपूर्ण मात्रा मांस, मछली, मुर्गी, साबुत अनाज, मेवे, फलियां और सब्जियों में मिलती है। प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे कि समुद्री भोजन, लाल मांस और चिकन में जिंक की उच्च मात्रा होती है। इसके अलावा, अंडे और डेयरी उत्पाद भी जिंक के अच्छे स्रोत हैं। इस प्रकार, जिंक की कमी को खाद्य पदार्थों के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। इससे आपके शरीर का नर्वस सिस्टम बहुत अच्छे तरीके से कार्य करता है। इससे शारीरिक ढांचा मजबूत होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।”

असम के मोरीगांव जेल से फरार कैदी झील में पाया गया मृत

साथ ही जिंक आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को समर्थन प्रदान करना है। जिंक टी-कोशिकाओं के उत्पादन में सहायक होता है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के महत्वपूर्ण घटक हैं। कम जिंक स्तर संक्रमण संवेदनशीलता बढ़ा सकता है, इसलिए पर्याप्त जिंक का सेवन संक्रमणों से बचाव में मददगार हो सकता है। हालांकि, जिंक के पूरक उपयोग के लाभ पर शोध अभी भी जारी है, लेकिन सामान्य आहार में जिंक की मौजूदगी आपके स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में सहायक होती है।

तीसरी खूबी यह है कि, जिंक आपकी त्वचा को दाग धब्बों से बचाता है। इसमें सूजनरोधी गुण होते हैं जो मुंहासे, रोसैसिया, सोरायसिस और एग्जिमा जैसी त्वचा संबंधी समस्याओं से निजात दिलाते हैं। ये अति महत्वपूर्ण पोषक तत्व टिश्यू रिपेयर करने में मदद करता है जिससे घाव जल्दी भर जाते हैं।

इसके साथ ही जिंक पाचन तंत्र का भी ख्याल रखता है। डॉक्टर के मुताबिक “ जिंक आपके पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। यह आंत्र पथ (इंटेस्टाइनल ट्रैक्ट) की कोशिकाओं की मरम्मत में अहम योगदान देता है और उन्हें मजबूत बनाता है, जिससे पोषक तत्वों का सही ढंग से अवशोषण संभव होता है। हालांकि, बहुत अधिक जिंक का सेवन पाचन तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, इसलिए संतुलित मात्रा में जिंक लेना चाहिए।”

जिंक को प्रचुर मात्रा में लेने से होने वाले पांचवें और अंतिम लाभ को बताते हुए डॉक्टर अमित कहते हैं, “जिंक आंखों से संबंधित बीमारी (जो उम्र से जुड़ी है) धब्बेदार अध:पतन (मैक्युलर डिजनरेशन) से बचाव में मदद कर सकता है। जिंक की उच्च मात्रा रेटिना में पाई जाती है और यह विटामिन ए के साथ मिलकर आंखों की सुरक्षा करती है। शोध से संकेत मिलता है कि जिंक मैक्युलर डिजनरेशन को धीमा करता है और रेटिना की कोशिकीय क्षति को रोकने में मदद करता है।”

महाविकास अघाड़ी का एजेंडा फेल हो गया, भाजपा महाराष्ट्र को बनाएगी नंबर वन: चंद्रशेखर बावनकुले

–आईएएनएस

पीएसएम/केआर

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *