दक्षिण कोरियाई एयरपोर्ट पर विमान दुर्घटनाग्रस्त, 28 की मौत

सियोल, 29 दिसंबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के मुआन शहर में रविवार को हवाई अड्डे पर उतरते समय एक विमान में आग लग गई। इस विमान में 170 से ज्यादा लोग सवार थे। इस हादसे में 28 यात्रियों की मौत हो गई।

आपातकालीन कार्यालय ने बताया कि बचाव अधिकारी विमान से यात्रियों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

स्थानीय टीवी स्टेशनों ने आग की लपटों से घिरे विमान से धुएं का गुबार निकलते हुए फुटेज प्रसारित किया।

दुर्घटनाग्रस्त विमान कथित तौर पर जेजू एयर का बोइंग 737-800 था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जेजू एयर का विमान, जिसमें 175 यात्री और छह फ्लाइट अटेंडेंट सवार थे वह थाईलैंड से वापस आ रहा था और लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बचाव अभियान के दौरान एक व्यक्ति जीवित पाया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार लैंडिंग गियर फट गया था, जिसकी वजह से आग लग गई।

योनहाप समाचार एजेंसी ने बताया कि जेजू एयर का विमान रनवे से उतर गया और बाड़ से टकरा गया। यह विमान बैंकॉक से लौट रहा था।

इससे पहले, बुधवार को कजाकिस्तान के अक्तौ शहर के पास एम्ब्रेयर यात्री जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 38 लोगों की मौत हो गई। यह विमान रूस के उस क्षेत्र से निकला था, जिसे मॉस्को ने हाल ही में यूक्रेनी ड्रोन हमलों से बचाया था।

अजरबैजान एयरलाइंस की उड़ान जे2-8243 अज़रबैजान से रूस के लिए अपने निर्धारित मार्ग से सैकड़ों मील दूर उड़ गई थी और कैस्पियन सागर के विपरीत तट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। रूस के विमानन निगरानीकर्ता ने कहा कि यह एक आपात स्थिति थी जो पक्षी के टकराने के कारण हुई होगी। लेकिन एक विमानन विशेषज्ञ के अनुसार ये असंभव है।

दिल्ली 'विंटर एक्शन प्लान' को लेकर विशेषज्ञों ने दिए सुझाव

अधिकारियों ने तुरंत यह नहीं बताया कि विमान समुद्र पार क्यों गया था। लेकिन, यह दुर्घटना इस महीने यूक्रेनी ड्रोन हमलों के बाद हुई, जो दक्षिणी रूस के चेचन्या क्षेत्र में हुए थे। विमान के उड़ान मार्ग पर निकटतम रूसी हवाई अड्डा बुधवार सुबह बंद कर दिया गया था।

अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने कहा कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार, विमान ने खराब मौसम के कारण अपना रास्ता बदल दिया। लेकिन, दुर्घटना का कारण अज्ञात है और इसकी जांच की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी त्रासदी है जो अजरबैजानी लोगों के लिए बहुत बड़ा दुख बन गई है।

–आईएएनएस

पीएसके/केआर

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *