यूपी : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में फायरिंग से 11वीं के छात्र की मौत, जांच में जुटी पुलिस

अलीगढ़, 1 मार्च (आईएएनएस)। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) कैंपस में शनिवार को दिनदहाड़े दो छात्रों के बीच हुए आपसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मामूली कहासुनी के बाद एक छात्र ने दूसरे पर गोली चला दी। इससे 11वीं कक्षा के छात्र मोहम्मद कैफ की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई और छात्रों में भय का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों छात्र आपस में किसी बात को लेकर बहस कर रहे थे। मामला इतना बढ़ गया कि एक छात्र ने फायरिंग कर दी। गोली सीधे मोहम्मद कैफ को लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा। घटना के बाद वहां मौजूद साथी छात्रों ने तुरंत पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन को मामले की सूचना दी। घायल छात्र को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

गोलीबारी की सूचना मिलते ही थाना सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेर लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बीच, पुलिस विश्वविद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फायरिंग करने वाला छात्र कौन था और उसके पास हथियार कैसे आया। पुलिस ने कुछ छात्रों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह मामला आपसी रंजिश से जुड़ा हो सकता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस विवाद में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका थी या मामला व्यक्तिगत दुश्मनी का था।

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घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए क्षेत्राधिकारी अभय कुमार ने कहा, “यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हमने संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है और जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की जा रही है।”

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि छात्रों के बीच बढ़ती हिंसा चिंता का विषय है, और सुरक्षा को और कड़ा किया जाएगा।

फायरिंग की इस घटना से एएमयू के छात्रों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। छात्रों का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।

–आईएएनएस

एससीएच/सीबीटी

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