एंबुलेंस देरी पर सवाल: हाईकोर्ट में जनहित याचिका, ओला-उबर से हुई तुलना

जबलपुर 

हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने प्रदेश से गुजरने वाले राजमार्गों में अवैध कट-प्वाइंट्स को चुनौती के मामले में जवाब-तलब कर लिया है। इस सिलसिले में सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव, एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग के एसीएस सहित अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं।

जनहित याचिकाकर्ता डिंडौरी निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी महावीर सिंह ने अपना पक्ष स्वयं रखा। उन्होंने दलील दी कि जब ओला-उबर जैसी गाड़ियां दो मिनट के भीतर पहुंच जाती हैं, तो एंबुलेंस क्यों नहीं पहुंचती है।

उन्होंने बताया कि भोपाल-जबलपुर हाईवे में डिवाइडर तोड़कर 300 कट बना लिए हैं, इससे स्पीड कम होती है और दुर्घटनाएं भी बढ़ती हैं।

प्रदेश से गुजरने वाले राजमार्गों में अवैध कट-प्वाइंट्स के कारण एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाती हैं, यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।

लिहाजा, जनहित याचिका को बेहद गंभीरता से लिया जाए। कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया है। जवाब आने के बाद आगे दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

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