असम में आर्थिक विकास को गति देने के लिए छह एडिशनल गति शक्ति कार्गो टर्मिनल का होगा निर्माण

गुवाहाटी, 26 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने असम में आर्थिक विकास को गति देने के लिए छह एडिशनल गति शक्ति कार्गो टर्मिनल, एक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और नई ट्रेनें शुरू करने की घोषणा की है।

ये प्रोजेक्ट गुवाहाटी में आयोजित ‘एडवांटेज असम 2.0’ निवेश और बुनियादी ढांचा सम्मेलन का हिस्सा हैं।

नए गति शक्ति कार्गो टर्मिनल चायगांव, न्यू बोंगाईगांव, बिहारा, हिलारा, बैहाटा और रंगजुली में बनेंगे, जो क्षेत्र के रेलवे नेटवर्क को बढ़ाएंगे।

कनेक्टिविटी को और मजबूत करते हुए उन्होंने पुष्टि की कि पूर्वोत्तर में एक वंदे भारत एक्सप्रेस पहले से ही चालू है।

उन्होंने कहा कि गुवाहाटी और अगरतला को जोड़ने के लिए जल्द ही एक और वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई जाएगी, जबकि दो अमृत भारत ट्रेनें (गुवाहाटी-दिल्ली और गुवाहाटी-चेन्नई के बीच) भी इस साल चालू हो जाएंगी।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि 300 करोड़ रुपये की लागत से लुमडिंग में रेलवे इंजन मिडलाइफ री-मैन्युफैक्चरिंग सुविधा और बोडोलैंड क्षेत्र के बशबारी में वैगन वर्कशॉप स्थापित की जाएगी।

उन्होंने 120 करोड़ रुपये की परियोजना लागत से इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण योजना के तहत बोंगोरा, कामरूप में एक ग्रीनफील्ड इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर (ईएमसी) के विकास की भी घोषणा की।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान को डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय में अपग्रेड किया गया है, जिसमें जगीरोड में एक परिसर स्थापित करने की योजना है।

उन्होंने असम में एक नए सेमीकंडक्टर प्लांट की योजना को भी पेश किया, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में राज्य की बढ़ती भूमिका दर्शाता है।

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इसके अतिरिक्त, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि गुवाहाटी रेलवे स्टेशन को एक नए आईटी हब में बदल दिया जाएगा, जो क्षेत्र के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगीकरण को बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए, केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने नॉर्थ-ईस्ट को भारत के विकास के लिए “नया इंजन” बताया।

केंद्रीय मंत्री ने 2014 से असम और पूर्वोत्तर में 1,824 किलोमीटर नई रेल पटरियों के निर्माण में सरकार की सफलता को रेखांकित किया। उन्होंने असम में मोइनारबंद और सिन्नामारा में दो गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों के चालू होने का भी जिक्र किया।

केंद्रीय मंत्री ने असम और भूटान के बीच संपर्क में सुधार करने और आर्थिक विकास के नए अवसर खोलने की सरकार की योजनाओं पर जोर दिया। उन्होंने पूर्वोत्तर में इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की और विश्वास व्यक्त किया कि असम जल्द ही एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी राज्य में नई पहलों को बढ़ावा देने में केंद्र सरकार के निरंतर समर्थन को स्वीकारा।

केंद्रीय मंत्री ने आशा व्यक्त की कि असम वैश्विक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में एक की-प्लेयर बन जाएगा।

सेशन के दौरान, असम सरकार ने केंद्रीय मंत्री की उपस्थिति में सिंगापुर, मलेशिया और जापान में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम से 10 उद्योग समूहों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिससे राज्य के बढ़ते सेमीकंडक्टर उद्योग में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी मजबूत होगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

–आईएएनएस

एसकेटी/एबीएम

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