'ये प्रयागराज है' गाना पांच साल पहले गाया गया था, अब चर्चित हुआ : गायक आलोक कुमार

पटना, 20 फरवरी (आईएएनएस)। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान एक भक्ति गीत, ‘ये प्रयागराज है…’ काफी लोकप्रिय हो रहा है। इस गीत के बोल हैं – ‘प्रथम यज्ञ भूखंड धरा पे आर्य का आगाज है, है पावन संगम की धरती, ये प्रयागराज है’। बिहार के लखीसराय जिले के रहने वाले इस भक्ति गीत के गायक आलोक कुमार ने गुरुवार को आईएएनएस से खास बातचीत की।

आलोक कुमार ने आईएएनएस को बताया कि यह गाना उनके लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव था, क्योंकि यह उनका पहला गाना था जो महाकुंभ पर आधारित था। उन्होंने कहा कि जब मुझे यह गाना गाने के लिए दिया गया, तो मुझे कभी नहीं लगा था कि यह गाना इतना वायरल होगा। यह साक्षात ईश्वर की कृपा है कि यह गाना हर सनातनी की जुबां पर है और मोबाइल पर बज रहा है।

आलोक कुमार ने अपनी गायकी की शुरुआत 2009 में भोजपुरी रियलिटी शो “सुर संग्राम” से की थी, जहां उन्होंने जीत हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा और सैकड़ों फिल्मों में गाने गाए, लेकिन इस गाने ने उन्हें एक नई पहचान दिलाई है। आलोक ने बताया कि यह गाना उन्हें पांच साल पहले रिकॉर्ड करने के लिए मिला था, लेकिन इसकी रिलीज में देरी हुई। आलोक ने इसका महाकुंभ के खास मौके पर रिलीज होना आशीर्वाद बताया।

उन्होंने बताया कि इस गाने के लेखक राजेश पांडे हैं, जो छपरा के रहने वाले हैं। इस गाने को संगीत ओम झा ने दिया, जो सेखपुरा के रहने वाले हैं। मुंबई में इस गाने को रिकॉर्ड किया गया। आलोक ने बताया कि जब गाने की रिकॉर्डिंग की जा रही थी, तो उन्होंने संगीतकार ओम झा से कहा कि इस गाने में ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल न किया जाए ताकि उनकी असली आवाज सुनाई दे सके। उन्होंने बताया कि यह गाना मेरी मूल आवाज है और इस कारण ही यह कानों में सुरीला और प्रिय लगता है।

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आलोक कुमार ने आगे कहा कि पांच साल पहले इस गाने को लिखा गया था, लेकिन तब इसे उचित समय पर रिलीज नहीं किया गया। अब महाकुंभ के मौके पर इस गाने को रिलीज किया गया और वह इसे ईश्वर का आशीर्वाद मानते हैं। उन्होंने बताया कि इस गाने का बहुत बड़ा असर हुआ है और कई बड़े लोग जैसे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बड़े उद्योगपति, अभिनेता, और यहां तक कि द ग्रेट खली भी इस गाने को पसंद कर रहे हैं। मुझे खुशी है कि इतने बड़े लोग भी इस गाने की सराहना कर रहे हैं।

आलोक कुमार बताते हैं कि उन्होंने अब तक लगभग छह-सात हजार गाने गाए हैं। उन्होंने भोजपुरी, हिंदी, उड़िया, मराठी और मैथिली भाषाओं में भी गाने गाए हैं। उन्होंने इस गाने को अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया और कहा कि वह हमेशा उन सभी लोगों के आभारी और कर्जदार रहेंगे जिन्होंने उन्हें प्यार और आशीर्वाद दिया।

–आईएएनएस

पीएसके/एकेजे

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