फ्लोरोसिस नामक बीमारी-रिहन्द जलाशय का पानी आपूर्ति से बढ़ेगा मरकरी का खतरा.!

फ्लोराइड प्रभावित गांवों के जल स्रोतों की जांच की जांच पर बनी योजना!

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 23ता.सोनभद्र-बनवासी सेवा आश्रम के बिचित्रा महा कक्ष में गुरुवार को फ्लोराइड की समस्या और उसका निवारण पर एक दिवसीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें लोक विज्ञान संस्थान देहरादून के पर्यावरण वैज्ञानिक डा अनिल गौतम तथा अयोग्य केंद्र की डा विभा ने फ्लोराइड से होने वाली फ्लोरोसिस नामक बीमारी की जानकारी देने के साथ गोविंदपुर कुस्महा गांव में दो वर्ष तक किए गए अनुभव और पानी जांच की जानकारी देते हुए बताया की पौष्टिक और कैल्सियम युक्त भोजन से काफी हद तक बीमारी से राहत मिल सकती है।साथ ही नौनिहालों में तो 80 फीसदी तक हड्डियां काम करने लगती है। अन्य गांवों से आए 11 गांव के प्रधानों ने अपनी पंचायतों में पानी जांच कराने हेतु दो दो युवकों का चयन किया साथ ही निर्णय लिया की से गांव के फ्लोराइड मुक्त जल स्रोतों की पहचान कर शुद्ध पानी के सेवन के लिए लोगो को प्रेरित करेंगे। ब्लॉक प्रमुख मान सिंह गोंड,ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष प्रेमचंद सहित अन्य प्रधानों ने हर घर नल जल योजना के लिए रिहद जलाशय से पानी आपूर्ति किए जाने का विरोध किया और कहा की पानी में फ्लोराइड के साथ मरकरी सहित भारी धातु है जो क्षेत्र के स्वास्थ्य समस्या को बढ़ा सकते है हम लोगो को कनहर सिंचाई परियोजना से पानी आपूर्ति कराया जाए। डा. गौतम ने भी कहा की जलाशय के पानी में मरकरी है यह देश के सारे वैज्ञानिक जान रहे है ऐसे में शुद्ध पानी देने के तरीकों को सरकार जनता के सामने लाए। फ्लोराइड जांच करने लिए हर पंचायत से दो स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण के लिए फरवरी के अन्तिम सप्ताह तय किया गया। मौके पर शुभा प्रेम, डा. ब्रह्मजीत सिंह, प्रेम नारायण, दिनेश जायसवाल, प्रमोद शर्मा, सीता राम, मंजू देवी, रामबृक्ष, केवला दुबे, शिव नारायण, रघुनाथ, देवनाथ भाई, यश्ववी पांडेय सहित अनेक स्वयंसेवक मौजूद रहे।

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