प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यशैली संदिग्ध.! प्रदूषण की गंभीर स्थिति.! पर्यावरण मंत्री डा.अरूण कुमार मामले को गंभीरता से लें।

– मंत्री जी स्वयं खनन क्षेत्र का दौरा कर अपनी आंखों से देख सकते हैं.!
– नियमों का पालन न करने वाले व न करने वाले अधिकारियों पर भी हो सख्त कार्रवाई.!
– प्रदूषण मुक्त वातावरण में 24 घंटे चले क्रशर प्लांट.!
– खनन क्षेत्र के सभी सड़कों की साफ सफाई व सड़कों पर हो रेगुलर पानी का छिड़काव.!
मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी सोनभद्र-जनपद सोनभद्र में जहां भयंकर गर्मी पड़ रही है वहीं दूसरी तब डाला बारी बिल्ली व आसपास के क्षेत्र में स्थित क्रशर प्लांटों द्वारा बिना पानी छिड़काव के संचालित क्रशर प्लांटों के संचालन से भयंकर प्रदूषण लोगों के लिए जानलेवा बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री, जिला अधिकारी, अपर जिला अधिकारी के सख्त आदेश निर्देश के बाद भी प्रदूषण विभाग के अधिकारीयों का पूरी तरह से मौन बने रहना, प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई न किया जाना.! लोगों के स्वास्थ्य एवं जीवन के साथ बड़ा खिलवाड़ किया जाना क्या यही उत्तर प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ का नियम कानून है। राज्य मंत्री मंडलीय समीक्षा के उपरांत स्वयं डाला बारी बिल्ली क्रशर प्लांट क्षेत्र का दौरा कर नजार अपनी आंखों से देख सकते हैं। अधिकारी कितना नियम कानून का पालन करा रहे हैं.!
क्रशर ऑनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की गयी
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) वन पर्यावरण जन्तु उघान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग डा अरूण कुमार का सोनभद्र आगमन के दौरान सर्किट हाउस सोनभद्र में जनप्रतिनिधियों व भाजपा कार्यकर्ताओं भेंट वार्ता करेगें, उसके बाद वन विभाग के सभागार में वन विभाग, वन निगम एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ मण्डलीय समीक्षा बैठक करेगें। सूत्रों की माने तो वन पर्यावरण जन्तु उघान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्य मंत्री का आगमन हो.! जिलाधिकारी का आदेश हो.! या मंडलीय समीक्षा बैठक क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय सोनभद्र के अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता.! क्षेत्र की जनता भयंकर प्रदूषण से त्रस्त है और क्षेत्रीय विभागीय अधिकारी ऑफिस में बैठकर प्रदूषण की गंभीर समस्याओं को नजर अंदाज कर अपना कुर्सी बचाने व उल्लू सीधा करने में लीन है.!
चर्चा है कि क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विभागीय अधिकारी कर्मचारी प्रदूषण की गंभीर समस्याओं से पूरी तरह से अवगत है बावजूद उसके प्रदूषण फैलाने वाले प्लांटों पर कार्रवाई के बजाय पूरी तरह से संरक्षण देने का कार्य कर रहे हैं.! जिससे प्रदूषण पर रोक नहीं लग पा रहा है.! जिलाधिकारी, अपर जिला अधिकारी के सख्त आदेश निर्देश बैठक किये जाने के बाद भी न तो विभागीय अधिकारियों पर कोई असर पड़ रहा है.! ना ही प्रदूषण फैलाने वाले क्रशर प्लांट पर.! जनता प्रदूषण से त्रस्त है घरों में लोगों का रहना खाना पीना सोना मुश्किल हो गया है शिकायत के बाद भी विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही.! राज्य मंत्री, जिला अधिकारी, अपर जिला अधिकारी ही स्वयं बताएं क्या यही उत्तर प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ व जिला प्रशासन की गाइडलाइन व नियम कानून है। जनता लाख चिल्लाए कहे अधिकारी अपनी आंखों से देखते हुए भी आखिर मौन क्यों है क्या यही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश निर्देश है कि जनता समस्याओं से जस्ता रहे और अधिकारी मौन बने रहें.! प्रदूषण की गंभीर समस्या पर राज्य मंत्री, जिला प्रशासन को सख्त पहल करते हुए जनहित में पहल व कार्रवाई करनी चाहिए।










