खनन माफियाओं व कुछ अधिकारियों का गठजोड़, खनन हादसे में लीपापोती की आशंका, दोषियों पर कार्यवाही की मांग,

Media House सोनभद्र-ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली–मारकुंडी खनन क्षेत्र में हुए भीषण हादसे को लेकर जिले में आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है। घटनास्थल से भारी मात्रा में अवैध विस्फोटक मिलने और मजिस्ट्रियल जांच शुरू होने के बाद विभिन्न संगठनों ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।
शनिवार को युवा कांग्रेस सोनभद्र के जिलाध्यक्ष शशांक मिश्रा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से युवा कांग्रेस का आरोप है कि खनन क्षेत्र में विभाग द्वारा लंबे समय से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। मजदूरों और स्थानीय निवासियों द्वारा बार–बार चेतावनी देने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई प्रभावी कदम न उठाया जाना हादसे का बड़ा कारण माना जा रहा है।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि खदानों में बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहे विस्फोटकों की आपूर्ति किस माध्यम से हो रही थी, किसके द्वारा लाई जा रही थी और इनकी निगरानी क्यों नहीं की गई — इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए। युवा कांग्रेस ने आशंका जताई कि यदि विस्फोटकों की सप्लाई पर रोक और निरीक्षण नहीं हुआ, तो इनका दुरुपयोग किसी बड़ी आपराधिक या आतंकी गतिविधि में भी हो सकता है।
संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मजिस्ट्रियल जांच में किसी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का न पालन किया जाना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव धीरज पांडेय ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा—“यह हादसा किसी प्राकृतिक आपदा का परिणाम नहीं, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही और खनन माफियाओं व कुछ अधिकारियों के गठजोड़ का नतीजा है। यदि समय पर कार्रवाई होती, तो इतनी बड़ी त्रासदी नहीं होती। जांच पूरी तरह पारदर्शी हो और प्रभावशाली लोगों पर भी समान कार्रवाई होनी चाहिए।”
सेवादल शहर अध्यक्ष शैलेन्द्र चतुर्वेदी ने भी घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा
“इतनी बड़ी मात्रा में अवैध विस्फोटक मिलना इस बात का प्रमाण है कि खनन क्षेत्र में कोई निगरानी नहीं थी। केवल संचालकों ही नहीं, बल्कि उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई जरूरी है जिन्होंने आंखें मूंद रखी थीं। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना ही सरकार और प्रशासन की प्रथम जिम्मेदारी है।”
युवा कांग्रेस ने मृतक आश्रितों को 50लाख तक मुआवजा,हर परिवार में एक सरकारी नौकरी और घायल मजदूरों के समुचित उपचार की मांग की। साथ ही जिले में संचालित सभी वैध–अवैध खदानों की उच्चस्तरीय जांच कर सुरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने की भी आवश्यकता बताई।
ज्ञापन सौंपने के बाद जिलाध्यक्ष शशांक मिश्रा ने कहा की यह हादसा खनन माफियाओं को मिली खुली छूट और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। पीड़ितों को न्याय तभी मिलेगा जब दोषियों पर बिना किसी राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण के कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी तरह की लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उक्त अवसर पर युवा कांग्रेस के जिला महासचिव रोहिल मिश्रा, सूर्या, मृदुल मिश्रा, रोहित कुमार,शेखर सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।










