लेवाटांड जाहेर गढ़ समिति की ओर से बाहा बोंगा सह सरहुल महोत्सव का हुआ आयोजन

प्रकृति पर्व सरहुल में ढोलक बजाकर झुमे जेएमएम जिलाध्यक्ष हिरालाल मांझी

मीडिया हाउस न्यूज एजेंन्सी 15ता॰बोकारो। लेवाटाँड (सेक्टर 11 / सी) के जाहेर थान में लेवाटांड जाहेर गढ़ समिति की ओर से बाहा बोंगा सह सरहुल महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव की अध्यक्षता दुर्गा प्रसाद सोरेन संचालक के.सी. टुडू ने किया। इस बाहा बोंगा सह सरहुल के मुख्य अतिथि हिरालाल मांझी झा.मु.मो. जिला अध्यक्ष, बोकारो, विशिष्ट अतिथि  अशोक मुर्मू, जिला परिषद सदस्य, 20 सूत्री सदस्य सह जिला कोषाध्यक्ष, बोकारो जिला, पूर्व जिला परिषद सदस्य अनिता देवी, भतुआ पंचायत मुखिया एवं पंचायत समिति सदस्य उपस्थित थे। इसी क्रम में मौके पर उपस्थित जेएमएम के जिला अध्यक्ष हीरालाल मांझी ने ढोल नगाड़े बजाते हुए प्राकृतिक पर्व पर थिरकते हुए नजर आए। बतातें चलें की बाहा बोंगा सह सरहुल झारखण्ड में आदिवासी का प्रकृति पर्व है, जो झारखण्ड उडीसा और बंगाल के आदिवासी द्वारा मनाया जाता है। ये पर्व नये साल की शुरूआत का प्रतीक माना जाता है। इस पर्व को झारखण्ड की विभिन्न जनजातियाँ अलग-अलग नाम से मनाई जाती है। उराँव जनजाति इसे खुदी पर्व संथाल लोग बाहा पर्व मुण्डा बा पर्व और खड़िया जंकौर पर्व के नाम से इस त्योहार को मनाते है। संथाल रिति रिवाज के अनुकूल बाहा पर्व को नायके एवं कुडाम नायके द्वारा पूजा अर्चना किया जाता है। पूजा अर्चना सम्पन्न होने के बाद सभी महिला पुरूष को नायके द्वारा सखुआ फुल भेंट करते है। उसके बाद आदिवासी सांस्कृतिक रिति रिवाज से जुडे ढोल, नागड़ा मांदर बाजाकर नाचते गाते है । और आपनी खुशी जाहिर करते है। इस महोत्सव में कई गांव के लोग आकर पूजा अर्चना करते है। हजारो की संख्या में भीड-भाड होता है। साथ सभी मिलकर नाचते गाते है, और सभी ग्रामीण महिला-पुरुष पूरे गाँव में नायके बिनोद टुडू, कुडाम नायके सहदेव सोरेन को ढोला, मांदर नागाड़ा से नचाते गाते घर तक ले जाते है। मौके पर उपस्थित समिति के अध्यक्ष के.सी. टुडू, सचिव दुर्गा प्रसाद सोरेन, कोषाध्यक्ष हिरालाल मूर्म, उपाध्यक्ष लालो माराण्डी, उपसचिव सिकेंदर सोरेन, साधन मुर्मू जाहेर गाढ प्रभारी गोपेश्वर, मिडिया प्रभारी, नवल किशोर मुर्मू, नित्य संगीत प्रभारी मंजु देवी, रासमुनी सोरेन, लीलमुनी सोरेन, बसन्ती देवी, राजु टुडू, रूपलाल माराण्डी, लालदेव मारांण्डी, काली हेम्ब्रम, अर्जुन सोरेन, लखीराम हाँसदा, रामलाल टुडू राम नाथ सोरेन, नुनुलाल टुडू, शानिचर हेम्ब्रम आदी शामिल थे।

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