प्रधानमंत्री मोदी महाराष्ट्र में 7,600 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ

मुंबई, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महाराष्ट्र में 7,600 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी नागपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उन्नयन का शिलान्यास करेंगे, जिसकी कुल अनुमानित लागत लगभग 7000 करोड़ रुपये है। यह परियोजना विभिन्न क्षेत्रों जैसे विनिर्माण, विमानन, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और स्वास्थ्य सेवा में विकास के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगी, जिससे नागपुर शहर और पूरे विदर्भ क्षेत्र को लाभ होगा।

प्रधानमंत्री मोदी शिरडी हवाई अड्डे पर नए एकीकृत टर्मिनल भवन की आधारशिला भी रखेंगे। 645 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले टर्मिनल का उद्देश्य शिरडी आने वाले धार्मिक पर्यटकों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं और सुख-सुविधाएं प्रदान करना है। प्रस्तावित टर्मिनल का निर्माण विषय साईं बाबा के आध्यात्मिक नीम के पेड़ पर आधारित है।

सभी के लिए सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप प्रधानमंत्री मोदी 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों के संचालन की शुरुआत करेंगे, जो मुंबई, नासिक, जलना, अमरावती, गड़चिरोली, बुलढाणा, वाशिम, भंडारा, हिंगोली और अंबरनाथ (ठाणे) में स्थित हैं।

अंडरग्रेजुएट और पोस्ट-ग्रेजुएट सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ ये कॉलेज लोगों को विशेषीकृत तृतीयक स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान करेंगे।

भारत को “विश्व की कौशल राजधानी” बनाने के दृष्टिकोण के अनुसार, मुंबई में पीएम मोदी भारतीय कौशल संस्थान (आईआईएल) का उद्घाटन करेंगे। यह संस्थान सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से उद्योग-तैयार कार्यबल तैयार करना है। यह टाटा शिक्षा और विकास ट्रस्ट और केंद्रीय सरकार के बीच एक सहयोग है।

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संस्थान का लक्ष्य मेक्ट्रोनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, औद्योगिक स्वचालन और रोबोटिक्स जैसे उच्च विशेषीकृत क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करना है।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) का उद्घाटन करेंगे, जो छात्रों, शिक्षकों और प्रशासकों को स्मार्ट उपस्थिति, स्वाध्याय जैसे लाइव चैटबॉट्स के माध्यम से महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक डेटा तक पहुंच प्रदान करेगा। यह स्कूलों को संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन, माता-पिता और राज्य के बीच संबंधों को मजबूत करने, और त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली जानकारी प्रदान करेगा। इसके साथ ही, यह शिक्षण प्रथाओं और सीखने को बढ़ाने के लिए क्यूरेटेड शिक्षण सामग्री भी उपलब्ध कराएगा।

–आईएएनएस

पीएसके/एएस

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