16 दिसंबर को पुरे राज्य भर से 32 जनजाती सरना धर्म कोड को लेकर करेगी राजभवन का घेराव : भुवनेश्वर लोहरा

● सरना धर्म कोड को लेकर लगातार होती रही मांग : सरना धर्म कोड को लेकर आदिवासी समाज लगातार संघर्षशील करती रही है जिसमें आदिवासी सेंगेल अभियान द्वारा बोकारो सेंगेल जिला अध्यक्ष सह बोकारो जोनल हेड सुखदेव मुर्मू ने कहा था कि 15 करोड़ आदिवासीयों जो प्रकृति पूजक है “सरना धर्म कोड” की घोषणा करें ताकि आदिवासीयों को जबरन ईसाई,हिन्दू,मुस्लिम आदि धर्म में धर्मातांरण से बाचाया जाए। अन्यथा आदिवासियों के साथ यह एक बड़ा संवैधानिक अन्याय होगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड द्वारा 5 जनवरी 2023 को आदिवासियों का ईश्वर मारंग बुरू (पारसनाथ पहाड़) को जैनों को लिखित सुपुर्द किया गया उसे आदिवासियों को अभिलंब वापस किया जाए। राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त संताली भाषा को झारखंड में प्रथम राजभाषा बनाया जाए । ताकि हमें अपनी मातृभाषा में पढ़ने- लिखने (संवाद) का अवसर मिलें। साथ ही भारतीय करेंसी में भी संताली ऑल चिकी लिपि को भी अविलंब स्थान दिया जाए क्योंकि बाकि आठवीं अनूसूची में शामिल भाषाओं को भारतीय करेंसी में स्थान दिया गया है सभी आदिवासी गांव -समाज के स्वशासन व्यवस्था में वंशानुगत नियुक्त माझी -परगना आदि में संविधान कानून और जनतंत्र लागू किया जाए।










