ग्रामीण उत्थान विकास सेवा समिति द्वारा संचालित बाल गृह (बालिका) का निरीक्षण किया

मीडिया हाउस न्यूज एजेन्सी सोनभद्र-उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, के निर्देशानुसार एवं राम सुलीन सिंह जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद न्यायालय सोनभद्र के आदेशानुसार आज को अपरान्ह शैलेन्द्र यादव, अपर जनपद न्यायाधीश / सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद सोनभद्र द्वारा पूर्वासी ग्रामीण उत्थान विकास सेवा समिति द्वारा संचालित बाल गृह (बालिका), इन्द्रपुरी कालोनी राबर्ट्सगंज, सोनभद्र का निरीक्षण किया गया। बाल गृह (बालिका) के समस्त स्टाफ उपस्थित रहें।
निरीक्षण के समय बाल गृह (बालिका) में कुल 41 बालिकायें आवासित थी। जिसमें सं. कमशः सोनभद्र की 27, मीरजापुर की 10, शाहजहांपुर की 01 भदोही 03 एवं 02 नवजात शिशु जो अपनी मां के साथ है।
निरीक्षण के समय बाल गृह (बालिका) में साफ-सफाई पायी गयी तथा बाल गृह (बालिका) में आवासित बालिकाओं को मीनू के अनुसार नाश्ता एवं भोजन आदि दिया जा रहा है तथा बालिकाओं को नैतिक व्यापार निवारण अधि० 1956, घरेलू हिसां से महिला संरक्षण अधि० 2005, दहेज प्रतिषेध अधि० 1961, गर्भ का चिकित्सीय समापन अधि० 1971, मातृत्व लाभ अधि0 1961- 26 सप्ताह तक, कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीडन (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधि० 2013, लैगिंक अपराधो से बालको का संरक्षण अधि० 2012. गर्भधारक पूर्ण एवं प्रसव पूर्ण निदान तकनीकी (लिंग चयन प्रतिषेध) अधि० 1994, समान पारिश्रमिक अधि० 1976, महिलाओं का अशिष्ट चित्रण (निषेध) अधि० 1966, हिन्दू उत्राधिकार अधि० 1956″ एवं “Sex Selection Decline in child sex ratio under PCPNDT Act” नालसा का टोल फ्री नं0 15100 एवं नालसा द्वारा चलायी जा रही सभी स्कीमों यथा DWAN Unit, ASHA Unit, SAMVAD Unit and JAGRITI Unit की जानकारी दी गयी एवं जागरूक किया गया।
इसके अलावा आज दिनांक 22.12.2025 को शैलेन्द्र यादव, अपर जनपद न्यायाधीश / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा जनपद सोनभद्र में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धाश्रम का निरीक्षण तथा विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम के समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे एवं वृद्धाश्रम में कुल 70 वृद्ध उपस्थित पाये गये। अपर जनपद न्यायाधीश / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा उपस्थित वृद्धजनों को उनके अधिकार के सन्दर्भ में बताते हुए कहा गया कि ढलती उम्र की समस्यांओं की गंभीरता को महसूस करते हुए भारत सरकार ने इनसे निपटने के लिए कई नीतियां और योजनाएं बनायी है। सरकार वयोवृद्धता से संबंधित मैड्रिड अन्तर्राष्ट्रीय कार्य योजना सहित वयोवृद्धता के बारे मे विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय कार्य योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भी प्रतिबद्ध है। अभिभावकों और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से संबंधित कानून 2014, इस कानून में माता-पिता/दादा-दादी को उनके बच्चों से आवश्यकतानुसार गुजारा भत्ता दिलवाने की व्यवस्था है तथा वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 के प्रावधानों एवं शासन द्वारा वृद्धावस्था पेंशन व चिकित्सा संबंधी योजनाओं एवं नालसा का टोल फ्री नं० 15100 एवं नालसा द्वारा चलायी जा रही सभी स्कीमों यथा DWAN Unit, ASHA Unit, SAMVAD Unit and JAGRITI Unit के संबंध में जागरूक किया गया।
यह जानकारी श्री शैलेन्द्र यादव अपर जनपद न्यायाधीश / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा दी गयी।










