भोपाल बस टर्मिनल में आग के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, डीजल टैंक का ढक्कन गायब; प्रशासन ने शुरू किए बदलाव

भोपाल 

आगजनी की घटनाओं के बाद अब प्रशासन ने बस टर्मिनस की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की कवायद शुरू की है। कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराज्यीय बस टर्मिनस (आईएसबीटी) में आग से बचाव के लिए फायर हाइड्रेंट लगाए जाएंगे और बिजली की वायरिंग की जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही परिसर में लंबे समय से खड़ी गैर संचालित बसों को हटाने और उनके संचालकों से किराया वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने आईएसबीटी का निरीक्षण कर सुरक्षा, सफाई और बसों के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं में सुधार करने को कहा।

आग से बचाव के इंतजाम होंगे, वायरिंग की भी जांच
आईएसबीटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फायर हाइड्रेंट स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही परिसर में बिजली की वायरिंग की जांच कराई जाएगी, ताकि संभावित खतरों की पहचान कर जरूरी सुधार किए जा सकें। परिसर की नियमित साफ-सफाई और व्यापक स्तर पर धुलाई कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

 अग्निकांड में बड़ा खुलासा
बस अग्निकांड की फॉरेंसिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। वर्मा ट्रेवल्स की जिस एमपी 04 वायएल 8818 बस में सबसे पहले आग लगी थी उसके डीजल टैंक का ढक्कन गायब मिला है। डीजल टैंक को पुढे के टुकड़े ठूंसकर सील करने की कोशिश की गई थी। इसी बस के पीछे वाली डिक्की के नीचे मिट्टी और गाड़ी की बॉडी पर ज्वलनशील पदार्थ की गंध दर्ज की गई है। ये गंध स्वयं फॉरेंसिक टीम के मुखिया एके बरोनिया और गोविंदपुरा थाना प्रभारी अवधेश तोमर ने मौके पर सूंघकर और एक राय होने के बाद स्पॉट की जिसे रिकॉर्ड में लिया गया।

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फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन की टीम आइएसबीटी पहुंची। सबसे पहले इसी बस की जांच पड़ताल शुरू की गई। गोविंदपुरा थाना प्रभारी अवधेश तोमर की उपस्थिति में फॉरेंसिक अधिकारी एके बरोनिया की टीम ने बारी-बारी से गाड़ियों की पड़ताल की। फॉरेंसिक टीम ने जले हुए अवशेष और कार्बन सैंपल बरामद कर पॉलिथीन में पैक कर सागर फॉरेंसिक लैब भेज दिया है।

गोलमोल जवाब पर फटकार
इसके बाद सर्विस सुपरवाइजर रईस खान एवं इलेक्ट्रीशियन से पूछताछ की गई कि यदि इग्निशन स्विच और गाड़ी की मेन चाबी को निकाल लिया जाए तो क्या इलेक्ट्रिक सप्लाई होती है। इस सवाल के जवाब में जब इलेक्ट्रीशियन जवाब दे रहा था तो कर्मचारियों ने उसे कोहनी मारकर कुछ इशारा करने की कोशिश की। टीम के मुखिया ने कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए सीधे-सीधे जवाब देने की चेतावनी दी। सुपरवाइजर रईस खान ने कहा कि वे घटना वाली शाम नादरा बस स्टैंड पर था।

घटना की एफआइआर दर्ज की गई
थाना प्रभारी गोविंदपुरा अवधेश कुमार ने बताया कि वर्मा ट्रेवल्स के संचालक दीपक वर्मा की लिखित शिकायत पर वॉल्वो गाड़ियों में आग लगने का मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की पड़ताल की जा रही है। 

टैंक का कैप किसने निकाला, नहीं मिला जवाब
डीजल टैंक का ढक्कन गायब मिलने पर वर्मा ट्रैवल के सर्विस सुपरवाइजर रईस खान, इलेक्ट्रीशियन एवं मैनेजर को मौके पर बुलाकर पूछताछ की गई। कर्मचारी डीजल टैंक को पुढे के टुकड़ों से बंद करने के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। कुछ कर्मचारियों का कहना था कि यह एक सामान्य बात है, ज्यादातर गाड़ियों के ढक्कन नहीं मिलेंगे। डीजल टैंक में गैस बनकर विस्फोट नहीं हो इसके लिए पुढे और दूसरे पैकेजिंग आइटम से इसे ऐसे ही सील किया जाता है।

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बस अड्डे को गैराज बनाने वालों पर सख्ती
आईएसबीटी में बसें केवल यात्रियों को बैठाने और उतारने के लिए निर्धारित समय तक ही रुक सकेंगी। लंबे समय से खड़ी और संचालित नहीं हो रही बसों के संचालकों को नोटिस जारी कर उन्हें परिसर से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। निगम का उद्देश्य बस टर्मिनस को अनावश्यक रूप से घेरकर रखने वाली बसों से मुक्त कराना और नियमित यात्री परिवहन के लिए जगह उपलब्ध कराना है।

चार बसें 24 जुलाई से खड़ी, अब वसूला जाएगा किराया
निगम अधिकारियों ने बताया कि चार बसें 24 जुलाई 2026 से आईएसबीटी स्थित बस डिपो में खड़ी हैं। इनमें एमपी-04-पी-0297, एमपी-04-ए-3753, एमपी-04-एई-3073 और एमपी-04-ईए-4345 शामिल हैं। इन बसों के लंबे समय से खड़े रहने पर निगम आयुक्त ने जुलाई से वर्तमान तक का किराया वसूलने और इन्हें हटाने के निर्देश दिए हैं। अन्य गैर संचालित बसों के मामले में भी कार्रवाई की जाएगी।

साइकिल और ई-बाइक चलाने के लिए निकलेगा टेंडर
आईएसबीटी परिसर में रखी साइकिलों और इलेक्ट्रिक साइकिलों का संचालन शुरू कराने की तैयारी भी की जा रही है। निगम इन्हें सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर चलाने के लिए निविदाएं जारी करेगा। निगम आयुक्त ने कहा कि वे स्वयं इन साइकिलों और ई-बाइक का परीक्षण करेंगे। 

ट्रैवल्स एजेंसियों के साथ होगी बैठक
निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त ने वर्मा ट्रेवल्स के मैनेजर से चर्चा की और गैर संचालित बसों को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आईएसबीटी से बसों का संचालन करने वाली अन्य ट्रैवल्स एजेंसियों के संचालकों के साथ भी बैठक की जाएगी। इसमें बसों के संचालन और परिसर की व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
  

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