पंजाब में दलजीत की मौत का मामला गरमाया, पीड़ित परिवार से मिलकर पुलिस कार्रवाई पर भड़के चन्नी

मानसा. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी बुधवार को मानसा जिले के गांव भममें कलां पहुंचे। यहां उन्होंने हाल ही में संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाले मृतक दलजीत सिंह के घर जाकर उनके शोक व्यक्त किया। इस मुलाकात के दौरान पीड़ित परिवार के सदस्यों ने पूर्व मुख्यमंत्री को बीते दिन की घटना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि दलजीत की मौत नशे के ओवरडोज के कारण हुई थी, लेकिन पुलिस इसे हत्या का मामला बताकर उनके परिवार और अन्य लोगों को बेवजह परेशान कर रही है। परिवार ने यह भी बताया कि पुलिस ने मृतक के पिता जरनैल सिंह और चचेरे भाई समेत गांव के छह से सात लोगों को रास्ते में ही हिरासत में ले लिया है।
दलजीत सिंह के परिवार के एक सदस्य ने आरोप लगाया कि पुलिस अब इस मामले को हत्या का रूप देने की कोशिश कर रही है। पुलिस उनके पिता को अपने साथ ले गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जा रहा है, जबकि परिवार के किसी सदस्य ने इसके लिए सहमति नहीं दी थी।
परिवार के सदस्य ने कहा कि पुलिसकर्मी उनके घर आए और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब परिवार ने सहमति नहीं दी, तो पुलिस उनकी इच्छा के विरुद्ध कार्रवाई क्यों कर रही है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि शव को उनसे दूर ले जाया गया और पुलिस ने वाहनों को रोककर परिवार के लोगों को परेशान किया।
मृतक के परिजनों ने कहा कि उनका परिवार पिछले 10 वर्षों से संघर्ष कर रहा है और उन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपने बच्चों का पालन-पोषण किया है। परिवार के एक सदस्य ने पांच साल की बच्ची का जिक्र करते हुए कहा कि किसी अन्य परिवार को इस तरह का दुख नहीं झेलना पड़े। परिजनों ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग नशे के कारोबार की जांच और मौत के मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी अन्य व्यक्ति से व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन परिवार को शव से दूर रखे जाने की घटना से गहरा दुख पहुंचा है। परिवार के एक सदस्य ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस को हत्या का संदेह है, तो उसे सबूतों के आधार पर जांच करनी चाहिए। परिजनों ने आशंका जताई कि पुलिस हिरासत में उनके पिता पर दबाव डालकर बयान दिलवाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मृतक की पत्नी, मां और बहन भी मौजूद हैं, इसलिए जांच के दौरान सभी संबंधित सदस्यों के बयान निष्पक्ष तरीके से दर्ज किए जाने चाहिए।










