भोपाल में विधायक विश्राम गृह के कमरे में मिला युवक-युवती का जोड़ा, पुलिस की वर्दी देख विधायक भी हैरान

भोपाल 

राजधानी भोपाल स्थित विधायक विश्राम गृह में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। यहां महिदपुर से कांग्रेस विधायक दिनेश जैन 'बॉस' को आवंटित कमरों में पुलिस की वर्दी पहने एक युवक और युवती आपत्तिजनक हालत में मिले। जब विधायक अचानक कमरे में पहुंचे तो दोनों को देखकर हैरान रह गए। पकड़े जाने पर दोनों माफी मांगने लगे और मौका मिलते ही वहां से भाग निकले। विधायक की शिकायत के बाद विधानसभा सचिवालय के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

दिल्ली से लौटे थे विधायक
घटना 2 नवंबर की दोपहर करीब 3 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक विधायक दिनेश जैन दिल्ली से भोपाल लौटने के बाद विधायक विश्राम गृह के खंड क्रमांक-3 स्थित अपने आवंटित कमरों में पहुंचे थे। उन्हें कक्ष क्रमांक 13 और 14 आवंटित हैं। जैसे ही उन्होंने कमरे का दरवाजा खोला, अंदर पुलिस की वर्दी पहने युवक और युवती को देखकर चौंक गए।

विधायक को देखकर हाथ पैर जोड़ने लगे दोनों
कांग्रेस विधायक के अचानक पहुंचने पर कमरे में मौजूद युवक और युवती घबरा गए। दोनों हाथ पैर जोड़कर माफी मांगने लगे। इसी बीच मौका पाकर दोनों वहां से भाग निकल गए। इस घटना के बाद विधायक ने विश्राम गृह की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

केयरटेकर के पास रहती हैं कमरों की चाबियां
विधायक दिनेश जैन का कहना है कि जब वो भोपाल शहर से बाहर रहते हैं तब उनके कमरों की चाबियां मुख्य काउंटर पर केयरटेकर के पास जमा रहती हैं। साफ सफाई और अन्य जरूरी कामों के लिए कर्मचारियों को कमरों तक पहुंच दी जाती है। विधायक ने आशंका जताई कि इस व्यवस्था का दुरुपयोग कर कोई भी बाहरी व्यक्ति कमरों में प्रवेश कर सकता है और वहां रुककर किसी अपराध या साजिश को भी अंजाम दे सकता है।

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विधायक के सरकारी आवास में क्या हुआ?
विधायक के सरकारी आवास में युवक-युवती : विधायक दिनेश जैन बोस ने बताया कि वे 2 नवंबर को भोपाल आए थे। विधायक विश्राम गृह के खंड-3 में अपने आवंटित कमरे में पहुंचे तो वहां एक युवक और युवती आपत्तिजनक हालत में मिले।

विधायक के मुताबिक, दोनों पुलिसकर्मी थे। उनमें से एक ने उनके पहुंचने के बाद वर्दी पहन ली थी, जबकि दूसरे ने उनके सामने ही वर्दी पहन ली। विधायक ने कहा कि इस तरह की स्थिति पहले कभी सामने नहीं आई थी। सरकारी आवास में चोरी-छिपे ऐसी गतिविधियां हो रही थीं, यह देखकर उन्हें हैरानी हुई।

विधानसभा सचिवालय ने शुरू कराई जांच
विधायक के सरकारी आवास में युवक-युवती : विधायक की शिकायत मिलते ही विधानसभा सचिवालय ने सक्रियता दिखाई। सचिवालय के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी ने जांच शुरू कर दी है।

जांच में खंड-3 के कक्ष क्रमांक 13 और 14 में हुए घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। अनधिकृत लोगों के प्रवेश की भी जांच हो रही है। दिवाली के बाद जांच रिपोर्ट विधायक को सौंपे जाने की बात कही गई है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
विधायक के सरकारी आवास में युवक-युवती : इस घटना के बाद विधायक विश्राम गृह की सुरक्षा व्यवस्था और केयरटेकरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

विधायकों के भोपाल से बाहर रहने पर उनके कमरों की चाबियां मुख्य काउंटर पर केयरटेकर के पास जमा रहती हैं। साफ-सफाई जैसे कामों के लिए स्टाफ को कमरों तक पहुंच दी जाती है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिना अनुमति बाहरी लोग कमरे तक कैसे पहुंचे और उनकी मौजूदगी की जानकारी किसी को क्यों नहीं हुई। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कमरे की चाबी किसके पास थी और युवक-युवती वहां कैसे घुसे।

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क्या कार्रवाई हो सकती है?
जांच में जो भी कर्मचारी या व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा सचिवालय पूरे मामले की निगरानी कर रहा है।

इस घटना ने विधायक विश्राम गृह की सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है। कई विधायक पहले भी सुरक्षा को लेकर असंतुष्ट रहे हैं, लेकिन इस घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

विधानसभा सचिवालय के निर्देश पर जांच शुरू
विधायक दिनेश जैन की लिखित शिकायत के बाद विधानसभा सचिवालय के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जांच में ये पता लगाया जाएगा कि विधायक को आवंटित कमरों तक युवक और युवती कैसे पहुंचे उन्हें चाबी किसने उपलब्ध कराई और विश्राम गृह की सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।

सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर की जांच
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार विश्राम गृह परिसर और खंड क्रमांक-3 के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इसके साथ ही ड्यूटी रजिस्टर की जांच की जा रही है ताकि ये पता लगाया जा सके कि 2 नवंबर को चाबी काउंटर पर कौन तैनात था और किसके कहने पर विधायक के कमरे की चाबी किसी अनधिकृत व्यक्ति को दी गई।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
विधायक विश्राम गृह में जनप्रतिनिधियों को कमरे आवंटित किए जाते हैं ऐसे में इस तरह की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि पुलिस की वर्दी पहने युवक और युवती विधायक के निजी आवंटित कमरों तक कैसे पहुंचे और वहां कितनी देर से मौजूद थे? जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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