अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन ने मेला में अव्यवहारिक ब्यापारिक गतिविधि को अंजाम देने वाले पर अंकुश लगाने की मांग

मीडिया हाउस न्युज एजेंसी बोकारो : भारत सरकार द्वारा उपभोक्ता संरक्षण हेतु मान्यता प्राप्त अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष देव कुमार त्रिवेदी, सहित प्रतिनिधि मंडल ने उपायुक्त बोकारो को आगामी त्योहार में जिले के पूजा पंडाल और मेला आयोजक, दुकानदार तथा जेनरेटर व डीजे आपूर्तिकर्ता के अव्यवहारिक ब्यापारिक गतिविधि को अंजाम देने वाले पर अंकुश लगाने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया कि, –
1. प्रत्येक आयोजन स्थल के लिए एक उपभोक्ता अधिकार पर्वेक्षक /निरिक्षक या निगरानी समिति गठन किया जाये।
2. प्रत्येक आयोजन स्थल के आगन्तुको को दृष्टब्य एक या अधिक स्थान पर उपभोक्ता संरक्षण के निमित जानकारी एवं शिकायत प्राप्ती हेतु (दुरभाष संख्या) शासन एवं सहयोगी संगठन बैनर अनिवार्य हो, ताकि ग्राहकों को शीघ्र राहत दिलाया जा सके।
3. सभी व्यवसायी के व्यक्तिगत एवं व्यवसायीक विवरण सूचीबद्द किये जाये, ताकि मेला उपरांत भी प्रताडित ग्राहक को सहायता प्रदान की जा सके।
4. अस्थायी खाद्य सामग्री बिक्रेता हेतु अनुज्ञप्ति प्राप्त करना एवं विक्रय स्थल पर प्रदर्शित करना अनिवार्य हो।
5. अन्यान्य सामग्री विक्रेता हेतु अस्थायी निबन्धन प्राप्त करना एवं विक्रय स्थल पर प्रदर्शित करना अनिवार्य हो।
6. विक्रय स्थल पर वस्तु या सेवा के नाम, मात्रा (वजन /संख्या), मुल्य व शुल्क, निर्माण व उपयोगिता तिथी प्रदर्शित करना मानकों के अनुरूप बिक्रय अनिवार्य हो।
7. सक्षम पदाधिकारी द्वारा उपभोक्ता हित में निगरानी करना, नमुना संग्रह व गुणवत्ता जांच करना अनिवार्य हो।
8. खाद्य सामग्री विक्रय स्थल पर तम्बाकु या नशिले पदार्थ युक्त सामग्री पुर्ण प्रतिबन्धित हो।
9. विक्रय स्थल पर पॉलीथिन बैग या अमान्य प्लास्टीक पदार्थ पुर्ण प्रतिबन्धित हो।
10. प्रत्येक अनुचित ब्यापारिक गतिविधि के लिये आपूर्तिकर्ता के साथ साथ आयोजन समिति सदस्य को भी उत्तरदायी व जवाबदेह रखा जाये।
11. मेला परिसर व आयोजन स्थल पर वायु व ध्वनि प्रदूषण मानकों का अनुपालन डीजल जेनेरेटर व डीजे सेट आपूर्तिकर्ता / व्यापारीयों व आयोजकों द्वारा सख्ती से कराया जाए।
12. डीजी सेट व डीजे सेट आपूर्तिकर्ता को स्थायी अनुज्ञप्ति प्राप्त करना अनिवार्य हो।
13. सक्षम पदाधिकारी द्वारा वायु व ध्वनि उत्सर्जन नमुना संग्रह व गुणवत्ता जांच करना अनिवार्य हो।
14. जेनरेटर और डीजे के परिवहन हेतु उपयोगित वाहनों का स्थायी निबन्धन प्राप्त करना (वाहन के मूल स्वरुप, आकार, प्रकार में परिवर्तन की जानकारी सहित) अनिवार्य हो ।
15. झारखण्ड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के निर्देश / नियमों के उल्लंघन के लिए, प्रति दिन निर्धारित पर्यावरणीय मुआवजे का भुगतान शतप्रतिशत किया जाये।
संगठन के प्रतिनिधि रुप में प्रदेश अध्यक्ष डी के त्रिवेदी सहित प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ पुष्पा मिश्रा,
बोकारो जिला महासचिव मनिष श्रीवास्तव, रिन्कु मलिक, सरीता श्रीवास्तव, शामिल रहे।










