फिटनेस के साथ-साथ नाम और शोहरत भी दिलाता है खेल : ओलंपियन लक्खा सिंह

मीडिया हाउस न्युज एजेंसी बोकारो : ऋषि-मुनियों द्वारा प्रदत्त भारत की प्राचीनतम विद्या योग और आसनों को क्रीड़ा का स्वरूप देकर जन-जन में इसके प्रति क्रांति लाने का प्रयास लगातार रंग दिखा रहा है। इसी कड़ी में निरंतर तीन वर्षों तक जिलास्तरीय योग क्रीड़ा प्रतियोगिताओं के सफल व सार्थक आयोजन के बाद शुक्रवार को डीपीएस बोकारो की मेजबानी में राष्ट्रीय खेल दिवस के सुअवसर पर छठी झारखंड राज्य योगासना स्पोर्ट चैंपियनशिप की शुरुआत हुई। बच्चों द्वारा प्रस्तुत गीत-संगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुतियों के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में तीन-दिवसीय इस राज्यस्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। बोकारो डिस्ट्रिक्ट योगासना स्पोर्ट एसोसिएशन के संयोजन में योगासना स्पोर्ट एसोसिएशन ऑफ झारखंड के बैनर तले आयोजित इस चैंपियनशिप में पूर्व की जिलास्तरीय प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कुल 14 जिलों के 300 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इनमें धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, लातेहार, रांची, कोडरमा, हजारीबाग, सरायकेला-खरसांवा, पश्चिमी सिंहभूम, जामताड़ा, गोड्डा, गिरिडीह, रामगढ़, सिमडेगा और बोकारो जिले शामिल हैं। इसके साथ ही राज्यभर के बालयोगियों का समागम भी शुरू हो गया, जो तीन दिन तक योग विद्या में अपने दमखम दिखाएंगे। प्रतियोगिता का शुभारंभ उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि पांच बार के नेशनल बॉक्सिंग चैंपियन और ओलंपियन रह चुके मेजर ध्यानचंद अवार्डी लक्खा सिंह, सम्मानित अतिथि कबड्डी एसोसिएशन ऑफ झारखंड के अध्यक्ष एवं बोकारो जिला ओलम्पिक संघ के महासचिव गोपाल ठाकुर तथा विद्यालय के प्राचार्य एवं बोकारो जिला योगासना स्पोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. ए. एस. गंगवार ने एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री सिंह ने सभी को खेल दिवस की बधाई देते हुए प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि खेल फिटनेस के लिए तो जरूरी है ही, अगर बच्चे पूरी लगन और निष्ठा के साथ खेलेंगे तो इसमें नाम, शोहरत, पैसा, सबकुछ है। योग हमारी प्राचीन धरोहर है। इस प्रकार के आयोजन और इसमें बच्चों और युवाओं की सहभागिता काफी महत्वपूर्ण व सराहनीय है। इस क्रम में वर्ल्ड योगासना एवं योगासना भारत के महासचिव डॉ. जयदीप आर्या भी विजुअल मोड में उद्घाटन समारोह का सहभागी बने। उन्होंने मिलकर योग की विरासत को सशक्त और समृद्ध बनाने का आह्वान किया। सम्मानित अतिथि श्री ठाकुर ने शिक्षा के जरिए बोकारो को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने में डीपीएस बोकारो के योगदान की चर्चा करते हुए उक्त प्रतियोगिता के आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि पढ़ाई और खेल का अन्योन्याश्रय संबंध है। उन्होंने योगासन के प्रति बच्चों के रुझान पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा संकल्पित होकर खेलने की प्रेरणा दी। विद्यालय के प्राचार्य एवं एसोसिएशन की बोकारो शाखा के अध्यक्ष डॉ. गंगवार ने योग के समृद्ध अतीत तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रयासों के परिणामस्वरूप इसकी अंतरराष्ट्रीय ख्याति पर चर्चा की। कहा कि योग आज स्वास्थ्य, समरसता, शारीरिक व मानसिक शांति तथा संतुलित जीवनशैली का वैश्विक प्रतीक बन चुका है। यह हमारी सांस्कृतिक और पारंपरिक धरोहर है, जिसे संवर्धित करने में इस प्रकार के आयोजन आवश्यक हैं। उन्होंने राज्यस्तरीय प्रतियोगिता की मेजबानी डीपीएस बोकारो को मिलना गर्व का विषय बताया तथा निकट भविष्य में राष्ट्रीय प्रतियोगिता कराने की भी बात कही। प्राचार्य ने मुख्य अतिथि को शॉल से अलंकृत कर सम्मानित भी किया। इसके पूर्व, रांची योगासना स्पोर्ट एसोसिएशन के सचिव डॉ. एस. के. घोषाल ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। समारोह में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों से उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। योग मंत्र और स्वागत गान के बाद आर्केस्ट्रा एवं योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण की बाल-लीला पर आधारित मनमोहक नृत्य तथा जुंबा डांस से उन्होंने सबकी भरपूर सराहना बटोरी। कार्यक्रम में योगासना स्पोर्ट एसोसिएशन ऑफ झारखंड के महासचिव चंदू कुमार, संयुक्त सचिव मलय कुमार डे, कोषाध्यक्ष प्रशांत कुमार, तकनीकी प्रमुख आर्य प्रह्लाद भगत, संगठन की बोकारो इकाई के उपाध्यक्ष एवं डीपीएस बोकारो के वरीय उपप्राचार्य अंजनी भूषण, विद्यालय के प्रशासक एवं एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष (बोकारो) राजन सिंह सहित विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी टीमों के कोच, मैनेजर एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान राष्ट्रीय खेल दिवस पर मेजर ध्यानचंद की उपलब्धियों तथा खेल के क्षेत्र में भारत का मान बढ़ाने में उनके योगदान की चर्चा करते हुए उन्हें नमन किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन बोकारो योगासना स्पोर्ट एसोसिएशन के सचिव, प्रतियोगिता निदेशक एवं विद्यालय के क्रीड़ा शिक्षक ब्रजेश कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में 10-14 वर्ष की उम्र के बच्चे सब-जूनियर, 14-18 वर्ष आयुवर्ग के जूनियर और 18 से 28 वर्ष की आयु के नौजवान सीनियर कैटेगरी में, तो 28 से 55 वर्ष के प्रतिभागी भी सीनियर – ए, बी और सी समूहों में अपना योग-कौशल प्रदर्शित कर रहे हैं। पारंपरिक, हस्त संतुलन, पाद संतुलन, अग्र-झुकाव, पार्श्व झुकाव, कलात्मक एकल व युगल, लयबद्ध एकल व युगल सहित अन्य स्पर्द्धाओं में प्रतिभागियों ने अपनी योग-कला का अद्भुत प्रदर्शन किया। खास तौर से छोटे-छोटे बच्चों ने योगमुद्राओं में अपने शरीर की लचकन, स्फूर्ति व संतुलन से सबको अचंभित कर दिया। प्रतियोगिता के पहले दिन विभिन्न आयुवर्गों के लिए अलग-अलग कैटेगरी की पारंपरिक एवं कलात्मक योगाभ्यास की कई स्पर्द्धाएं आयोजित की गईं, जो देर शाम तक जारी रही।










