झारखंड राज्य निर्माण कामगार यूनियन (सीटू) का बोकारो जिला सम्मेलन संपन्न

मीडिया हाउस न्युज एजेंसी गोमिया : झारखंड राज्य निर्माण कामगार यूनियन बोकारो जिला का प्रथम सम्मेलन रविवार को गोमिया बैंक मोड़ स्थित पलिहारी गुरूडीह पंचायत भवन में संपन्न हुआ। अध्यक्षता यूनियन के नेता अजय कुमार नायक एवं संचालन शंकर प्रजापति ने किया। इस सम्मेलन का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि झारखंड राज्य निर्माण कामगार यूनियन के राज्य महासचिव संजय पासवान ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भवन से लेकर समाज की जरूरत की हर चीज का निर्माण निर्माण मजदूर करते हैं। निर्माण मजदूर समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो आज सबसे अधिक शोषण का शिकार है। इन मजदूरों को गोल- बंद करने, उनके शोषण के खिलाफ संघर्ष करने एवं उनके अधिकारों की रक्षा के लिए झारखंड राज्य निर्माण कामगार यूनियन का यह प्रथम बोकारो जिला सम्मेलन हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के हर निर्माण एवं असंगठित मजदूर तक हमारे यूनियन पहुंचने की कार्य योजना बना रही है। आने वाले दिनों में हम पूरे झारखंड के अंदर निर्माण मजदूरो की सबसे बड़ी यूनियन के रूप में उभरेंगे।सम्मेलन में यूनियन के नेता राकेश कुमार ने एक लिखित रिपोर्ट पेश किया और झारखंड भवन एवं अन्य सनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड से निर्माण मजदूर को मिलने वाले लाभ के बारे में उपस्थित मजदूरों को बताया।सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीटू के प्रदेश उपाध्यक्ष रामचंद्र ठाकुर ने सम्मेलन की सफलता की बधाई देते हुए कहा की गोमिया की धरती पर निर्माण मजदूरो का यह सम्मेलन होना बहुत बड़ी बात है। आने वाले दिनों में इस यूनियन के साथ गोमिया समेत जिले के सभी निर्माण मजदूर संगठित होंगे और अपने संघर्षों की शुरुआत करेंगे यह हमारी शुभकामनाएं हैं। सीटू के जिला सचिव प्रदीप कुमार विश्वास ने कहा कि इस क्षेत्र में सीटू के नेतृत्व में निर्माण से लेकर कोयला, स्टील, बारूद के मजदूर अपने अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सीटू की बोकारो जिला कमेटी मजदूरों के उन सभी संघर्षों के साथ खड़ी रहेगी। इस सम्मेलन को सीटू नेता विजय भोय, निजाम अंसारी, किसान नेता श्याम सुंदर महतो ने भी संबोधित किया।इस सम्मेलन में निर्माण मजदूर के नेता चमन प्रजापति,अख्तर अंसारी, लोकनाथ ठाकुर, सुधीर चौहान, मनोज कुमार महतो, मनोज शर्मा, मोहन कुमार महतो, निर्मल कुमार, रूपेश कुमार गुप्ता, प्रकाश नायक, वासुदेव मरांडी समेत सैकड़ो लोग शामिल थे।










