मुख्यमंत्री मानव-वन्य जीव संघर्ष में मृतकों तथा घायलों के परिवारों के साथ भेंट की

Ashok Yadav मीडिया हाउस न्यूज एजेन्सी लखनऊ –उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद बहराइच की तहसील महसी के ग्राम सिसैय्या चूरामणि में मानव-वन्य जीव संघर्ष में मृतकों तथा घायलों के परिवारों के साथ भेंट की। इस अवसर पर पीड़ित परिवारों के साथ संवेदना प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार मानव-वन्य जीव संघर्ष में प्रभावित परिवारों के साथ है। पीड़ित परिवारों को हर सम्भव सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने मानव-वन्य जीव संघर्ष के निवारण के लिए जनप्रतिनिधियों तथा उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने जनपद में मानव वन्य जीव संघर्ष में अब तक की गई कार्यवाही के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री जी ने पीड़ित परिवारों को फल एवं मिष्ठान वितरित किए तथा बच्चों को चॉकलेट भी दी। घाघरा नदी के कछारी क्षेत्रों में हिंसक वन्य जीवों के हमलों की घटनाओं से वे व्यक्तिगत रूप से अत्यन्त दुखी हैं। घटना की सूचना प्राप्त होने पर उन्होंने वन विभाग के मंत्रियों को प्रभावित क्षेत्र के भ्रमण के लिए भेजा तथा वन विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय टीम के साथ प्रभावित क्षेत्र में जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित कराएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में संचालित किये जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अब तक 05 भेड़ियों को पकड़ा जा चुका है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अधिकारियों की टीम शेष भेड़ियों को शीघ्र ही पकड़ लेगी। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में जंगली जानवर रहते हैं, उन स्थानों पर पानी पहुंच जाने पर जंगली जानवर अन्य स्थानों की ओर प्रस्थान करते हैं और शिकार की तलाश में यह मानव बस्ती की ओर आ जाते हैं। मानव बस्ती के नजदीक जहां भी इन्हें आसान शिकार मिलता है, तो इस प्रकार के हमले वहां देखने को मिलते हैं। इस बार भी सरयू नदी में पानी बढ़ने से इसके पूरे क्षेत्र में जल-जमाव की स्थिति जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में उत्पन्न हो गई थी। बहराइच में हुए हमलों के ग्राफ से पता चलता है कि इनका दायरा लगभग 25 कि0मी0 के क्षेत्र में फैला हुआ है। 01 सितम्बर, 2024 के बाद से अब तक कोई जनहानि नहीं हुई है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में वन विभाग की टीमें 04 ड्रोन कैमरों के साथ निगरानी कर रही हैं। जिले में समस्या के समाधान के लिए जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन, वन विभाग तथा अन्य विभागों द्वारा बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मानव-वन्य जीव संघर्ष को आपदा घोषित किया गया है। इसके अन्तर्गत जनहानि पर 05 लाख रुपये तथा नियमानुसार अहेतुक सहायता प्रदान की जा रही है। हमलों में घायल हुए लोगों को एण्टी रैबीज इन्जेक्शन लगाने की भी व्यवस्था की गई है। उनके (मुख्यमंत्री जी) द्वारा पूरे क्षेत्र का हवाई सर्वे भी किया गया है। मानव-वन्य जीव संघर्ष की समस्या का समाधान होने तक विभागीय टीमें तैनात रहेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लोग सुरक्षित रहें, इसके लिए पात्र व्यक्तियों के दरवाजा विहीन आवासों में दरवाजे लगाये गये हैं। प्रकाश की व्यवस्था हेतु सोलर लाइट लगायी गयी हैं। प्रभावित क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान संचालित कर आवास विहीन पात्र लोगों को आवास के साथ आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड व अन्य शासकीय योजनाओं से भी लाभान्वित किया जाए। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री के0पी0 मलिक सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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