उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में टीईटी उत्तीर्ण करने की समय-सीमा बढ़ी

मीडिया हाउस लखनऊ – उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा विभाग ने कार्यरत शिक्षकों के टीईटी/सीटीईटी संबंधी विवरण एकत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विशेष सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग अवदेश कुमार तिवारी ने इस संबंध में शिक्षा निदेशक (बेसिक) को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
जारी निर्देशों में कहा गया है कि माननीय उच्चतम न्यायालय ने पुनर्विचार याचिका संख्या 53434/2025, उत्तर प्रदेश राज्य बनाम अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट में 29 मई 2026 को पारित आदेश के तहत इन-सर्विस शिक्षकों के लिए टीईटी योग्यता प्राप्त करने की समय-सीमा 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है। न्यायालय ने यह भी अपेक्षा व्यक्त की है कि राज्यों द्वारा टीईटी परीक्षा नियमित रूप से तथा अधिमानतः वर्ष में दो बार आयोजित कराई जाए, ताकि पात्र शिक्षकों को आवश्यक योग्यता प्राप्त करने का पर्याप्त अवसर मिल सके।
विशेष सचिव बेसिक शिक्षा अवधेश कुमार तिवारी द्वारा जारी शासनादेश में उल्लेख किया गया है कि उच्चतम न्यायालय ने अपने पूर्व आदेश में संशोधन करते हुए समय-सीमा में एक वर्ष का विस्तार प्रदान किया है तथा इस संबंध में दायर सभी पुनर्विचार याचिकाओं का निस्तारण कर दिया है।
इसके साथ ही शासन स्तर पर कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी परीक्षा आयोजित किए जाने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। इस उद्देश्य से शिक्षा निदेशक (बेसिक) को निर्देशित किया गया है कि उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित विद्यालयों में कार्यरत ऐसे शिक्षकों का जनपदवार विवरण एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराया जाए, जिन्होंने अभी तक टीईटी/सीटीईटी उत्तीर्ण नहीं किया है।










