गोमिया में बाल विवाह मुक्त जिला स्तरीय कार्यशाला संपन्न

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मंत्री योगेंद्र प्रसाद पहुंचे

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी गोमिया: गोमिया प्रखंड अंतर्गत ससबेड़ा पश्चिमी पंचायत के आईईएल मनोरंजन केंद्र में मंगलवार को बाल विवाह मुक्त जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में राज्य में सबसे पहले गोमिया प्रखंड को बाल विवाह मुक्त प्रखंड घोषित किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग मंत्री योगेंद्र प्रसाद शामिल हुए। इस दौरान मंत्री जी का स्वागत भव्य रूप से किया गया। कार्यक्रम में खास तौर से डीडीसी शताब्दी मजूमदार, डीएसडब्ल्यू सुमन गुप्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोमिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ जितेंद्र कुमार, गोमिया बीडीओ महादेव कुमार महतो, सीओ आफताब आलम, जिप सदस्य डॉ सुरेंद्र राज, विधायक प्रतिनिधि अमित पासवान,झामुमो गोमिया प्रखंड अध्यक्ष लूदू मांझी, कांग्रेस गोमिया प्रखंड अध्यक्ष पंकज पांडेय मौजूद थे। कार्यशाला की विधिवत शुरुआत मंत्री समेत मंचासीन अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि हम सभी के सामूहिक प्रयास और ईमानदार पहल से गोमिया प्रखंड शत-प्रतिशत बाल विवाह मुक्त बनेगा। आज बेटियाँ वरदान बनकर परिवार के साथ-साथ समाज की भी सेवा कर रही हैं। समाज में बाल विवाह को बढ़ावा देने वाले प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष किसी भी रूप से जुड़े लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। बाल विवाह समाज के लिए अभिशाप है। हम सभी इसे खत्म करने का संकल्प लेते हैं। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं आमलोगों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाकर इस अभियान को एक मजबूत जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करें, ताकि बेटियां सुरक्षित, शिक्षित और सक्षम भविष्य की दिशा में आगे बढ़ सकें। मौके पर डीडीसी ने कहा कि पूरे विश्व में 20 फ़ीसदी लड़कियां बाल विवाह जैसी कुरीति से प्रभावित है। 18 वर्ष से कम लड़की मानसिक व शारीरिक रूप से विवाह योग्य नहीं होती है इससे नवजात शिशु अस्वस्थ्य और कुपोषित होते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में बाल विवाह गरीबी व पारिवारिक समस्याओं के कारण होता है। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित है, यदि इन योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाया जाए तो गरीबी मिटेगी और बाल विवाह जैसी कुरीति नही पनपेगी। उन्होंने सभी लोगों से अधिक से अधिक सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और बाल विवाह जैसी कुरीति को मिटाने का आह्वान किया। मौके पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोमिया के प्रभारी डॉ जितेंद्र कुमार ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है, 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियां और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़को की विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। विज्ञान के अनुसार 18 वर्ष से पूर्व लड़कियां विवाह के लिए शारीरिक व मानसिक रूप से योग्य नहीं होती हैं। बाल विवाह के कारण बच्चे का वजन कम होता है, ऐसे बच्चे कुपोषण और तरह-तरह के बीमारियों से ग्रसित होते हैं।उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रखंड, जिला व राज्य स्तर पर 29 नवंबर 2024 को इस अभियान की शुरुआत की गई थी। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने बाल विवाह उन्मूलन की शपथ ली। वहीं जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बाल विवाह रोकने की दिशा में बेहतर कार्य करने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भाजपा नेता देवनारायण प्रजापति, कांग्रेस नेता रामकिशुन रविदास, मुखिया शांति देवी, मुखिया रीना सिंह, मुखिया अंशु कुमारी, मुखिया बंटी उरांव,मुखिया रामवृक्ष मुर्मू, मुखिया सोनाराम मुर्मू, मुखिया तेजलाल महतो, मुखिया तारामणि देवी, मुखिया सावित्री देवी, मुखिया अनारकली, पंसस महेश रविदास, पूर्व मुखिया धनंजय सिंह, घनश्याम महतो, पिंटू पासवान, बद्री पासवान सहित जिला एवं प्रखंड स्तर के कई पदाधिकारी व कर्मी मौजूद थे।

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