किसानों को अन्नदाता से ऊर्जा दाता बनाने की हमारी खोज को मिल रही शक्ति : पेट्रोलियम मंत्री

नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कहा कि पेट्रोल भारत के हरित ऊर्जा परिवर्तन का हिस्सा है। इसको लेकर सरकार ने पिछले दशक (2014-2024) में किसानों को 87,558 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जिससे जैव ईंधन का उत्पादन करने, उनकी आय बढ़ाने और इथेनॉल (अल्कोहल) के मिश्रण के लिए जैव ईंधन फसलों की खेती को बढ़ावा मिले।

विश्व जैव ईंधन दिवस को लेकर नवीनतम आंकड़े जारी करते हुए हरदीप पुरी ने कहा, “भारत की इथेनॉल मांग 2025 तक 10 बिलियन लीटर से अधिक बढ़ने की राह पर है, जबकि हम लगातार अपने लक्ष्य को निर्धारित समय से आगे बढ़ा रहे हैं।”

एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने आगे कहा कि पेट्रोल के साथ इथेनॉल का मिश्रण 2013-14 में 38 करोड़ लीटर से बढ़कर 2022-23 में 508.9 करोड़ लीटर हो गया।

पुरी ने कहा ”हमने जून 2022 में 5 महीने पहले ही 10% इथेनॉल मिश्रण लक्ष्य हासिल कर लिया। ई 20 लक्ष्य को भी पहले निर्धारित 2030 से 5 साल पहले 2025 कर दिया गया था और 20% इथेनॉल मिश्रित ईंधन पहले से ही देश भर में 15,000 से अधिक पेट्रोल रिटेल आउटलेट्स पर उपलब्ध है।”

उन्होंने कहा, “ये पहल हमारे किसान भाइयों को अन्नदाता से ऊर्जादाता बनाने की हमारी खोज को शक्ति प्रदान कर रही हैं।”

पुरी ने कहा कि 46 प्रतिशत इथेनॉल गन्ने से उत्पादित किया गया है जबकि शेष 54 प्रतिशत का उत्पादन खाद्यान्न से हुआ है। उन्होंने कहा कि मक्का और क्षतिग्रस्त खाद्यान्न जैसी अतिरिक्त कृषि उपज का उपयोग पर्यावरण-अनुकूल फीडस्टॉक से इथेनॉल का उत्पादन करने के लिए किया गया है।

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हरदीप पुरी ने आगे कहा कि “विश्व जैव ईंधन दिवस पर आइए हम भारत के अभूतपूर्व हरित ऊर्जा परिवर्तन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय यात्रा को शक्ति और गति प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराएं, क्योंकि हरित ऊर्जा के अन्य वैकल्पिक स्रोतों के बीच जैव ईंधन, इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने गुरुवार को लोकसभा में बताया था कि, चालू आपूर्ति वर्ष (2023-24) के दौरान, पेट्रोल के साथ इथेनॉल का मिश्रण पहले ही 13 प्रतिशत को पार कर चुका है, जबकि 2023-24 में यह आंकड़ा 12.06 प्रतिशत था, जब पेट्रोल के साथ इथेनॉल का मिश्रण 500 करोड़ लीटर से अधिक हो गया था।

सरकारी स्वामित्व वाली तेल विपणन कंपनियों, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने आपूर्ति वर्ष 2023-2024 के लिए लगभग 66 करोड़ लीटर इथेनॉल की आपूर्ति के लिए बोलियां आमंत्रित की है।

हरदीप सिंम पुरी ने कहा, 2025-26 तक 20% इथेनॉल सम्मिश्रण लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, सरकार ने कई उपाय किए हैं, जिनमें भारत में इथेनॉल सम्मिश्रण के लिए एक विस्तृत रोडमैप भी शामिल है। इसके साथ इथेनॉल के उत्पादन के लिए फीडस्टॉक का विस्तार, इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम के तहत इथेनॉल की खरीद के लिए लाभकारी मूल्य, ईबीपी कार्यक्रम के लिए इथेनॉल पर जीएसटी दर घटाकर 5 प्रतिशत करना सहित, मिश्रण के लिए राज्यों में इथेनॉल की मुक्त आवाजाही के लिए उद्योग (विकास और विनियमन) अधिनियम में संशोधन शामिल है।

–आईएएनएस

जीकेटी/

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