Piyush Goyal का BRICS देशों को बड़ा संदेश, लोकल करेंसी में व्यापार बढ़ाने और बाजार खोलने की अपील

नई दिल्‍ली

दिल्‍ली के भारत मंडपम में आयोजित BRICS शिखर सम्‍मेलन में रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन आ चुके हैं और पीएम मोदी के साथ उनकी मुलाकात भी हुई है. जबकि चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग भी कल आएंगे और पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे। 

इस बीच, ब्रिक्‍स बिजनेस फोरम में बोलते हुए देश के वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्‍स देशों से एक बड़ी अपील की है. गोयल ने ब्रिक्स देशों से एक-दूसरे के उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने का आग्रह किया. साथ ही स्‍थानीय मुद्रा में ट्रेड को लेकर भी जोर दिया। 

नियमों को आसान करें ब्रिक्‍स देश: पीयूष गोयल
उद्योग मंत्री ने कहा कि मैं ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों से आग्रह करता हूं कि वे अपने बाजारों को खोलें और नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और शिपमेंट को सुविधाजनक बनाने के लिए मिलकर काम करें. उन्होंने आगे कहा कि ब्रिक्स उन उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है, जिन्हें भारत दुनिया के सामने पेश करना चाहता है। 

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स ग्‍लोबल ट्रेड का एक चौथाई हिस्सा है. भारत ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है. इंजीनियरिंग सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स भारत के निर्यात का सबसे बड़ा हिस्सा हैं. भारत को दुनिया की फार्मेसी के रूप में भी जाना जाता है. उन्होंने आगे कहा कि साझेदारों के बीच व्यापार व्यापक, सही और विविध आपूर्ति चेन वाला होना चाहिए, और यह व्यापार किसी भी स्थिति में गुट के सदस्यों के विकास और कल्याण में बाधा नहीं बनना चाहिए। 

असम : कुछ जिलों में आधार कार्ड बनवाने के लिए लोगों को देने होंगे एनआरसी नंबर

करेंसी को जोड़ने पर जोर
उन्होंने कहा कि हमें कच्चे माल समेत एक-दूसरे के उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने चाहिए. हमारी सप्‍लाई चेन सही होनी चाहिए और दोनों दिशाओं में चलनी चाहिए. केंद्रीय मंत्री ने ब्रिक्स देशों से अपने-अपने पेमेंट सिस्‍टम को जोड़ने  के लिए भी कहा और कहा कि एक-दूसरे के साथ सहयोग को गहरा करने की अपार संभावनाएं हैं। 

गौरतलब है कि ब्रिक्‍स शिखर सम्‍मेलन ऐसे वक्‍त में हो रहा है, जब ग्‍लोबल तनाव ज्‍यादा है. अमेरिकी राष्‍ट्रपति कई बार ब्रिक्‍स समूह के खिलाफ बयान दे चुके हैं. साथ ही डॉलर और टैरिफ को लेकर इन देशों पर दबाव डाल चुके हैं. ऐसे में उम्‍मीद की जा रही है ब्रिक्‍स समूह देश कई मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *