स्वच्छता के जननायक थे संत गाडगे, उनकी प्रेरणा हमारा मार्गदर्शन करती है : सीएम योगी

महाकुंभ नगर, 23 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रसंत परम पूज्य गाडगे जी महाराज की 149वीं जयंती पर रविवार को महाकुंभ नगर के सेक्टर 1 स्थित गंगा पंडाल में भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत गाडगे जी को नमन करते हुए कहा कि वे सामाजिक न्याय के अग्रदूत थे, जिन्होंने जातिवाद, अंधविश्वास और अस्वच्छता के खिलाफ व्यापक जन जागरण कर समाज को नई दिशा दी।

सीएम योगी ने कहा कि गाडगे जी महाराज का जीवन समाज में जागरूकता और सुधार लाने का प्रेरणास्रोत रहा है। वे जहां भी जाते, कीर्तन के माध्यम से शिक्षा और स्वच्छता का संदेश देते और अपने साथ झाड़ू रखकर स्वच्छता के प्रति जनमानस को प्रेरित करते। उन्होंने कहा कि गाडगे जी कहते थे कि ईश्वर का वास वहीं है, जहां स्वच्छता है। इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छता अभियान की शुरुआत की, जो आज वैश्विक आंदोलन बन चुका है।

उन्होंने कहा कि संत गाडगे जी ने एक सदी पहले स्वच्छता का जो संदेश दिया था, वही आज प्रेरणा बनकर करोड़ों लोगों तक पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत करोड़ों घरों में शौचालय बनाए गए, जिससे नारी गरिमा की रक्षा हुई और बीमारियों से बचाव संभव हुआ।

सीएम योगी ने प्रयागराज की जनता की प्रशंसा करते हुए कहा कि महाकुंभ के आयोजन में शहर ने स्वच्छता और सुव्यवस्था की मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि आज प्रयागराज में जाम की स्थिति नहीं है और यहां की जनता ने महाकुंभ को अपना आयोजन मानकर अतिथि सेवा का जो भाव दिखाया है, वह सराहनीय है।

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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अगले वर्ष संत गाडगे जी महाराज की 150वीं जयंती को और भव्य तरीके से मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार समाज के कल्याण के लिए सदैव तत्पर है और स्वच्छता के इस संदेश को और अधिक विस्तार देने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने विधान परिषद् सदस्य सुरेंद्र चौधरी की इस बात के लिए विशेष सराहना की कि उन्होंने संत गाडगे जी की 149वीं जयंती के अवसर पर इतना विशाल आयोजन आयोजित कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत गाडगे जी महाराज की जयंती पर आयोजित यह समारोह न केवल स्वच्छता के महत्व को दोहराने का अवसर बना है, बल्कि सामाजिक सुधारों के प्रति जनचेतना को भी प्रोत्साहित करने वाला साबित हुआ है।

–आईएएनएस

एसके/सीबीटी

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