NSA अजीत डोभाल के निमंत्रण पर अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन पहुंचे भारत

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 14ता.लखनऊ-अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के निमंत्रण पर 13-14 जून तक नई दिल्ली की आधिकारिक यात्रा पर हैं। उनके साथ अमेरिकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और अमेरिकी उद्योग के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी आया है। दोनों राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार व्यापक द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक एजेंडे पर व्यापक चर्चा में नियमित रूप से लगे हुए हैं। वर्तमान यात्रा जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका की राजकीय यात्रा के क्रम में आती है, उन्हें अपनी उच्च-स्तरीय बातचीत जारी रखने का अवसर देगी, जिसमें दोनों देशों के बीच मजबूत और बहुआयामी सहयोग की समीक्षा शामिल होगी। यात्रा के दौरान NSA सुलिवन विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और भारत सरकार के अन्य गणमान्य लोगों के साथ भी मुलाकात करेंगे।

 

24 मई 2022 को टोक्यो में QUAD समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जोसेफ बिडेन द्वारा क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज (iCET) पर भारत-अमेरिका पहल की शुरुआत के बाद दोनों NSA ने भी एक ठोस प्रयास किया है। दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, दूरसंचार, रक्षा और अंतरिक्ष सहित सहयोग के पहचाने गए क्षेत्रों में शामिल होंगे। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन की वर्तमान यात्रा इस प्रकार दो एनएसए को अब तक की प्रगति की समीक्षा करने और आईसीईटी के लिए नई प्राथमिकताएं और उद्देश्य निर्धारित करने का अवसर प्रदान करेगी।

इससे पहले दोनो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सीमित चर्चा के लिए मिले। बाद में उन्होंने भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित आईसीईटी पर दूसरे ट्रैक 1.5 संवाद में भाग लिया। इस संवाद का पहला संस्करण 30 जनवरी 2023 को वाशिंगटन, डीसी में यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित किया गया था। एनएसए ने संवाद में प्रतिभागियों को संबोधित किया, जिसमें दोनों देशों के शिक्षाविदों और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल थे। उन्होंने आईसीईटी के तहत की गई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और दोनों पक्षों के हितधारकों को प्रौद्योगिकी मूल्य श्रृंखला साझेदारी के लिए प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे दोनों देशों में उच्च प्रौद्योगिकी उत्पादों और सेवाओं का सह-विकास और सह-उत्पादन हो सके।(रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी)

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