भारत के बिना इंडो_पैसिफिक का कोई पुनर्निर्धारण नहीं

मीडिया हाउस न्यूज एजेन्सी 3ता.लखनऊ-अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, जापान के विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग और भारतीय विदेश मंत्री डॉo एसo जयशंकर दिल्ली में रायसीना डायलॉग 2023 में शामिल हुए। विदेश मंत्री जयशंकर ने क्वाड बैठक में लचीली आपूर्ति श्रृंखला, डिजिटल चुनौती, कनेक्टिविटी पर प्रकाश डाला। मीटिंग में जयशंकर ने कहा हम काउंटर टेररिज्म वर्किंग ग्रुप पर सहमत हुए। हम इंडियन ओशन ड्रीम एसोसिएशन के साथ अधिक निकटता से सहयोग करने पर भी सहमत हुए हैं। हम सामूहिक रूप से क्षेत्र के लिए भिन्न विकल्पों की पेशकश कर रहे हैं और कई देश क्वाड के साथ काम करने में रुचि रखते हैं। समुद्री सुरक्षा के मामले में एक-दूसरे की नौसैनिक और सैन्य सुविधाओं तक पहुंच बनाना मुश्किल था, लेकिन अब नजरिया बदल गया है।
लचीली आपूर्ति श्रृंखला, डिजिटल चुनौती, कनेक्टिविटी रहे क्वाड बैठक के एहम मुद्दे।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि हम (क्वाड) अब प्राकृतिक आपदाओं में मानवीय स्थितियों से निपटने के लिए दुनिया में देशों की मदद करने के लिए एक साथ काम करने में लगे हैं। हम उन चीजों पर काम कर रहे हैं, जो वास्तव में महत्वपूर्ण हैं। यह एक सैन्य समूह नहीं है। एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि रूसी आक्रामकता के परिणामस्वरूप यूक्रेन में क्या हो रहा है, इस पर हम ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि यह केवल यूक्रेन के रहने वाले, यूक्रेन और यूरोप के लिए मायने रखता है, बल्कि ये पूरी दुनिया के लिए मायने रखता है। अगर हम रूस को यह करने की अनुमति देते हैं जो वे यूक्रेन में कर रहे हैं तो ये दुनिया के सभी आक्रामक को संदेश देगा कि वे भी ऐसा कर सकते हैं।
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि भारत एक शक्ति है, भारत के बिना इंडो पैसिफिक का कोई पुनर्निर्धारण नहीं हो सकता है। हमने देखा है कि भारतीय एक सभ्यतागत शक्ति है जो इस समय की कुछ चुनौतियों के लिए एक अलग दृष्टिकोण लेकर आता है। (रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी)

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में श्रीलंका की मदद कर रहा भारत

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *