चोपन में मकान नंबरिंग शुल्क पर बड़ा विरोधाभास, कार्यालय आदेश में अनिवार्य वसूली, आख्या में बताया स्वैच्छिक

नगर पंचायत के आदेश और जिलाधिकारी को भेजी गई आख्या में अंतर, जनता में भ्रम और नाराजगी

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी चोपन,सोनभद्र-आदर्श नगर पंचायत चोपन में चल रही मकान नंबरिंग प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक विरोधाभास सामने आया है। नगर पंचायत द्वारा जारी कार्यालय आदेश में जहां मकान नंबर प्लेट के लिए प्रति भवन 80 रुपये वसूलने की बात स्पष्ट रूप से लिखी गई है, वहीं जिलाधिकारी को भेजी गई आख्या में इसी राशि को स्वैच्छिक बताया गया है।

कार्यालय आदेश दिनांक 22 जनवरी 2026 में स्पष्ट उल्लेख है कि एल्यूमिनियम नंबर प्लेट का निर्धारित मूल्य 80 रुपये प्रति प्लेट भवन स्वामी से वसूला जाएगा। आदेश में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि यह राशि इच्छानुसार या स्वैच्छिक है। इसके विपरीत, जिलाधिकारी को प्रेषित आख्या में यह उल्लेख किया गया है कि भवन स्वामियों से ली जाने वाली 80 रुपये की राशि स्वैच्छिक है और नगर पंचायत द्वारा किसी प्रकार की वसूली नहीं की जा रही है।

इस विरोधाभास के सामने आने के बाद नगरवासियों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नागरिकों का कहना है कि जब वे पहले से ही हाउस टैक्स और जलकर का भुगतान कर रहे हैं, तो मकान नंबरिंग जैसे प्रशासनिक कार्य के लिए अतिरिक्त शुल्क किस नियम या आदेश के तहत वसूला जा रहा है, यह स्पष्ट नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना किसी सार्वजनिक सूचना, प्रस्ताव या आपत्ति आमंत्रित किए पूरे नगर में मकान नंबर बदले जा रहे हैं। साथ ही प्रत्येक पंचवर्षीय में वार्डों के नाम और नंबर बदले जाने से नागरिकों के पते बार-बार परिवर्तित हो जाते हैं, जिससे बैंक, आधार, राशन कार्ड, पेंशन और अन्य अभिलेखों में भारी दिक्कतें आती हैं।

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मामले में शिकायतकर्ता का कहना है कि जनसुनवाई में शिकायत का निस्तारण ऐसे तथ्यों के आधार पर कर दिया गया, जो कार्यालय आदेश से मेल नहीं खाते। अब मांग उठ रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और स्पष्ट किया जाए कि मकान नंबरिंग शुल्क की वसूली किस शासनादेश या नियम के अंतर्गत की जा रही है।

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