‘भारत कोई बनाना रिपब्लिक नहीं’, राहुल गांधी पर बरसे जेपी नड्डा

नई दिल्ली
दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडी गठबंधन की रैली और विरोध प्रदर्शन को लेकर सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी दलों के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है।

इसी बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि विपक्ष लोकतंत्र की आड़ में देश में अराजकता फैलाने, अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने और चुनी हुई सरकार को गिराने की साजिश रच रहा है।

जेपी नड्डा के तीखे सवाल और आरोप
अपने बयान में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के राजनीतिक मॉडल पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति चार चरणों पर टिकी है, झूठ फैलाना, सड़कों पर अराजकता भड़काना, देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना और विदेशी ताकतों के इशारे पर चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करना।

'भारत कोई बनाना रिपब्लिक नहीं'
राहुल गांधी को सीधे चेतावनी देते हुए नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी, कान खोलकर सुन लीजिए, यह भारत है, कोई 'बनाना रिपब्लिक' नहीं है जहां आप जब चाहें आगजनी, दंगे या सत्ता परिवर्तन का एजेंडा चला सकें। सपने देखना बंद कीजिए। भारत दुनिया का सबसे पुराना और मजबूत लोकतंत्र है।

1 नवंबर के दिन पर भी उठाए सवाल
बता दें कि बीजेपी ने इस रैली की तारीख 1 नवंबर को लेकर भी तीखा विरोध जताया है। नड्डा ने आरोप लगाया कि 1 नवंबर का दिन देश के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला धब्बा है, क्योंकि इसी दिन कांग्रेस समर्थित भीड़ ने सिख समुदाय के लोगों पर अत्याचार किए थे। उन्होंने कहा कि आज के दिन जब देश पीड़ितों को याद कर रहा है, तब राहुल गांधी अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं।

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बड़ी बात यह भी है कि इस विरोध में बीजेपी ने दिल्ली में एक अलग मार्च भी निकाला, जिसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अन्य नेता शामिल हुए। इसके अलावा मुंबई में भी बीजेपी और उसके सहयोगियों ने 'लोकशाही बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा निकाली।

अब समझिए विपक्ष का क्या है कहना?
दूसरी ओर, इंडी गठबंधन का कहना है कि यह रैली देश के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और मतदाता सूची से नाम काटे जाने के विरोध में है। हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि रैली में आ रहे उनके समर्थकों की बसों को अलग-अलग जगहों पर रोका जा रहा है।

हिमाचल के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि आने वाले दिनों में देश में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। विपक्षी गठबंधन की मुख्य मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा दें और ईवीएम (EVM) की जगह फिर से बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं।

दिल्ली में भारी सुरक्षा बल तैनात
गौरतलब है कि रैली और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मध्य और नई दिल्ली में दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के करीब 10000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

अकेले रामलीला मैदान और उसके आसपास 4000 से ज्यादा जवान मुस्तैद हैं। संवेदनशील इलाकों में धारा 163 लागू कर दी गई है और ड्रोन तथा AI कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।

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