सेक्युलर सिविल कोड से समाज में बनेगा समानता का वातावरण : इंद्रेश कुमार

नई दिल्ली, 18 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार ने रविवार को ‘सेक्युलर सिविल कोड’ को देश की एकता और अखंडता के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि इस कोड के लागू होने से समाज में सद्भावना और समानता का वातावरण बनेगा।

उन्होंने कैलाश मानसरोवर को भारत का हिस्सा बताते हुए इसे पुन: प्राप्त करने का संकल्प भी व्यक्त किया। इंद्रेश कुमार नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित रक्षा बंधन के कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

यहां इंद्रेश कुमार ने तर्क दिया कि अलग-अलग पर्सनल लॉ के कारण समाज में भेदभाव बढ़ रहा है। यह भेदभाव इस सेक्युलर सिविल कोड से समाप्त हो सकता है। यह कोड किसी विशेष धर्म या जाति के लिए नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान और न्यायसंगत व्यवस्था लाएगा, जो महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगा।

उन्होंने बांग्लादेश और कोलकाता की घटनाओं पर भी अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा मानते हुए उसे वापस प्राप्त करने का संकल्प दोहराया।

इंद्रेश कुमार ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के साथ हो रहे अत्याचारों को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पर ध्यान देने का आग्रह किया।

इंद्रेश कुमार ने इस विषय पर कई भारतीय नेताओं, विशेष रूप से राहुल गांधी और अखिलेश यादव की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

कोलकाता में एक डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी पर इंद्रेश कुमार ने संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर महिलाओं के प्रति संवेदनहीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ममता सरकार के तहत हो रहे अत्याचारों के लिए ममता बनर्जी ही जिम्मेदार हैं।

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इंद्रेश कुमार ने देश की राष्ट्रीय एकता और अखंडता की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने समाज में भाईचारा, आपसी प्रेम, और सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे समाज में शांति और सौहार्द बना रहे। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने इंद्रेश कुमार को राखी भी बांधी।

–आईएएनएस

जीसीबी/एबीएम

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