सरकार को बिजली विभाग से कोई सांठ गांठ , स्वाती मिश्रा

एक मामला चनपटिया के बेतिया से 18800 रिचार्ज करने के बावजूद 2 दिन ही बिजली चली और रिचार्ज खत्म हो गया। आखिर ये पैसा गया तो गया कहा

मीडिया हाऊस न्यूज एजेंसी सीतामढ़ी संवाददाता। महिला राजद की प्रदेश प्रवक्ता स्वाती मिश्रा ने कहा यह स्मार्ट मीटर नहीं चीटर है।फिर से एक मामला चनपटिया के बेतिया से आया है जहां मात्र 2 दिन में ही 18800 रिचार्ज करने के बावजूद 2 दिन ही बिजली चली और रिचार्ज खत्म हो गया। आखिर ये पैसा गया तो गया कहा?? क्या सरकार की बिजली विभाग से कोई सांठ गांठ है?? इसकी जांच होनी चाहिए। पिछले 20 वर्षों में तीन बार मीटर बदला जा चुका है, हर बार मीटर बदलने की जरूरत क्यों पड़ती है? क्या मीटर वाली कंपनियां, बिल वसूलने वाली एजेंसियां, सत्तारूढ़ जदयू नेताओं तथा अधिकारियों के बीच कोई कमर्शियल रिश्ता है?

प्रीपेड स्मार्ट मीटर के इंटरफेस और सिस्टम में इतनी गड़बड़ और खराबी है कि पब्लिक को मालूम ही नहीं पड़ता है कि उनका पैसा कहां चला गया? कितना पैसा बचा हुआ है, बिजली उपभोक्ताओं को यह भी पता नहीं चलता कि उनकी राशि कहां कट रही है और क्यों कट रही है और किस दर से कट रही है? उपभोक्ताओं को पैसे के लिए तो मैसेज आता है लेकिन जब पैसा जमा किया जाता है तब पैसा मिला या नहीं इसका कोई मैसेज नहीं आता है। कब बिजली कनेक्शन कटने वाला है या कितनी कम राशि बची हुई है इसका भी कोई मैसेज नहीं आता है? पैसा आ गया है जल्दी ही बिजली वापस आ जाएगा इसका भी कोई मैसेज नहीं आता है। नया रिचार्ज हुआ है या नहीं हुआ है, हुआ है तो पुन: बिजली शुरू होने में घंटों क्यों लगते है? कुछ भी रियल टाइम अपडेट नहीं होता है और पूछताछ करने पर कोई यह बताता ही नहीं है और ना ही किसी के बिल में यह बात स्पष्ट जाहिर होती है। इन सब कारणों से उपभोक्ता हमेशा परेशान ही रहता है
हमारी मांग है कि इसके निपटारे के लिए कोई ठोस कमिटी बननी चाहिए।

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