भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के दरम्यान लोहे के डस्टबीन के एवज में 52 लाख से अधिक के भुगतान पर महापौर ने मांगा नगर आयुक्त से मांगा जवाब

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 11ता.बेतिया। नगर निगम बोर्ड के प्रभाव में नहीं रहने के दौरान से लेकर नगर आयुक्त के पूरे कार्यकाल में करोड़ों की वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया गया है। नगर निगम के 29 पार्षदगण द्वारा महापौर को सौंपे आवेदन को अनुशंसा के साथ महापौर द्वारा विभागीय अपर मुख्य सचिव से कार्रवाई का अनुरोध किया गया था। जिसके आलोक में विभागीय अपर मुख्य सचिव द्वारा जिलाधिकारी को जांच कराने का पत्र दिया गया है। इधर उक्त जांच के दरम्यान नगर आयुक्त के द्वारा लोहे के डस्टबीन के एवज में 52.70 लाख का भुगतान 20 जुलाई 2023 को करने पर महापौर ने नगर आयुक्त से जवाब मांगा है। नगर निगम महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि उनके पत्र में निदेश है कि जांच प्रक्रिया के दौरान लोहे के डस्टबीन के एवज में 52 लाख से अधिक के भुगतान के औचित्य को नगर निगम के सशक्त स्थाई समिति की बैठक में स्पष्टीकरण के तौर पर अचूक रूप से अपना जवाब प्रस्तुत किया जाय।

महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि आपके द्वारा जाँच के दरम्यान लौह डस्टबीनों का भुगतान आपूर्तिकर्त्ता को कर दिया गया है। इस संबंध में स्पष्ट करने को कहा गया है कि लौह के डस्टबीनों की खरीद में घोटाले के आरोप की जांच राज्य सरकार के आदेश से जिला पदाधिकारी के स्तर पर कराया जा रहा है। तो किस परीस्थिति में आपके द्वारा यह भुगतान कर दिया गया है।महापौर ने बताया कि इस संबंध में नगर आयुक्त शंभू कुमार अपना स्पष्टीकरण शुक्रवार 11 अगस्त को आहूत सशक्त स्थायी समिति की बैठक में प्रस्तुत करें।महापौर ने बताया कि नगर आयुक्त के द्वारा इस बैठक को स्थगित करने का अनुरोध किया गया है। जिसके लिए बताए गए कारण उचित नहीं लगने पर बैठक को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 11अगस्त के अपराह्न में आयोजित करने का निर्णय जारी रखा गया है।

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